वैक्सीन उत्पादन:मंहगाई, निजीकरण के विरोध समेत 11 सूत्री मांग को लेकर विपक्षी दलों ने दिया धरना

गढ़वा2 महीने पहले
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  • समाहरणालय के समक्ष धरने के बाद राष्ट्रपति के नाम 11 सूत्री मांग पत्र उपायुक्त को सौंपा

बुधवार को भाजपा के जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सर्वदलीय एक दिवसीय धरना समाहरणालय के समक्ष दिया गया। जिसमें कांग्रेस, झामुमो, भाकपा माले, भाकपा, माकपा, राजद, बसपा व एसयुसीआई के नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। धरना के बाद राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। मौके पर विपक्षी नेताओं ने कहा कि पूर्व भी कईं प्रधानमंत्री हुए। मगर जनता को नजरअंदाज कर किसी ने चंद्र लोगों के हित में कार्य नहीं किया।

बल्कि सभी को साथ लेकर चलने का काम किया। मगर वर्तमान में देश के किसानों, नौजवानों, गरीब, मजदूरों और आम आवाम की सुनने वाला कोई नहीं है। देश में हिटलरशाही हावी है। नेताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार को जन भावना के अनुरूप काम करना होगा। किसी की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आम आवाम, गरीब, किसान, मजदूर महंगाई की मार नहीं झेल पा रहे हैं। वहीं शिक्षित बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिल पा रही है। देश की संपत्ति को बेचने का काम किया जा रहा है। सभी क्षेत्रों को धीरे-धीरे निजीकरण किया जा रहा है। धरना में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद तूफानी, झामुमो जिलाध्यक्ष तनवीर आलम, माले के स्थायी कमेटी सदस्य सुषमा मेहता, राजद जिलाध्यक्ष सूरज सिंह, कांग्र्रेस नेता अलख निरंजन चौबे, सुरेंद्र तिवारी, झामुमो युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष नितेश सिंह, रंथा नायक, मो. फरीज खान, राजकिशोर यादव, लालमुनी गुप्ता, भीखम चंद्रवंशी, आशीष गुप्ता, फुजैल अहमद, धनंजय पासवान, किशोर कुमार दास, धर्मराज राम आदि उपस्थित थे।

राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को सौंपे गए मांग पत्र में भारत में सभी वैक्सीन उत्पादन की क्षमताओं को बढ़ाने, सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का व्यापक विस्तार करने, केंद्र सरकार के आयकर दायरे से बाहर के सभी परिवारों को प्रति माह 7500 रुपये का मुफ्त नकद देने, सभी जरूरतमंदों को दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुओं से युक्त मुफ्त भोजन किट वितरित करने, पेट्रोलियम और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में अभूतपूर्व वृद्धि को वापस लेने आदि मांग शामिल है।

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