प्रशिक्षण कार्यक्रम:गढ़वा में ग्रामीणों को श्रम कार्ड बनाने व उसके फायदे के बारे में जानकारी दी गई

गढ़वा10 दिन पहले
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गुरुवार को समाहरणालय स्थित जिला परिषद के सभागार में श्रम योजना और सीएससी के विभिन्न सर्विस के ऊपर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के सभी प्रज्ञा केंद्र संचालक, महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं व विभिन्न लैंप्स एवं पैक्स संचालक उपस्थित थे। कार्यशाला में सीएससी/एसपीवी के स्टेट हेड शंभू कुमार ने विस्तार से श्रम कार्ड के लिए पंजीकरण का प्रशिक्षण दिया।

कहा कि जिले के सभी प्रज्ञा केंद्र, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपने-अपने सीएससी आईडी से इस कार्ड को योग्य लाभुकों का बना सकती हैं। जिले में श्रम कार्ड बनाने के लिए चार लाख 32 हजार लक्ष्य रखा गया है। जिसे 31 दिसंबर तक पूरा कर लेना है। केंद्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत असंगठित मजदूर की डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत उन्हें निबंधित किया जा रहा है।

इसके अंतर्गत उन्हें एक साल का बीमा मुफ्त कराया जाएगा। जिससे योजनाओं का लाभ उन्हें सीधे तौर पर मिल पाएगा। साथ ही समय-समय पर उनके द्वारा निबंधित कार्य क्षेत्र में प्रशिक्षण का भी प्रबंधन भारत सरकार करेगी। ताकि उनका कौशल विकास हो सके। निबंधन के लिए मुख्य रूप से लाभार्थी को अपने साथ अपना मोबाइल नंबर, आधार कार्ड व सक्रिय बैंक खाता लेकर अपने निकटत प्रज्ञा केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण पूर्ण रूप से निश्शुल्क करना है। उन्होंने पंचायत के जनप्रतिनिधियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों की देखरेख में समय रहते लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सजगता से कार्य करने की अपील की है। बैंकिंग टीम के प्रशिक्षक रविंद्र कुमार ने कहा कि सभी बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंस अपने-अपने सेंटरों पर बैनर पोस्टर और रजिस्टर मेंटेन करें। प्रत्येक महीने कम से कम 200 ट्रांजैक्शन करना अनिवार्य है। यदि इससे कम परिस्थिति में कोई भी सीएसपी पाया जाता है। तो उसकी सीएसपी कोड की वैधता समाप्त की जा सकती है। साथ ही सभी बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंस को अपने प्राप्त स्थान पर ही चलाने की सख्त हिदायत दी गई है। यदि कोई भी अपने स्थान से दूसरे जगह पाया जाता है तो उस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्राईवेट सेक्टर बैंक के इंद्रजीत ने कहा कि वर्तमान समय में पब्लिक सेक्टर बैंक से एक कदम भी पीछे प्राइवेट सेक्टर बैंक नहीं है। इस अवसर पर जिला सीएससी मैनेजर कौशल किशोर, मनीष कुमार, कंसलटेंट चंदन कुमार तिवारी, डिस्टिक कोऑपरेटिव ऑफिसर अमृता कुमारी आदि उपस्थित थीं।

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