आस्था:150 सालों से सहिजना मोहल्ला के चित्रगुप्त मंदिर में हो रही पूजा

गढ़वाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • चित्रांश परिवार के लोगों ने मंदिर में भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना की, सुनाई गई कथा

जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में भगवान चित्रगुप्त की पूजा शनिवार को श्रद्धा भाव के साथ की गई। कायस्थ समाज के कुलदेवता भगवान चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना को लेकर कायस्थों में उत्साह देखा गया। इसक्रम में शहर के सहिजना मोहल्ला स्थित चित्रगुप्त मंदिर में धूमधाम से चित्रगुप्त पूजा का आयोजन किया गया। पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

इस अवसर पर कायस्थ समाज के लोगों ने कहा कि चित्रगुप्त पूजा का काफी महत्व है। भगवान ब्रह्मा के शरीर से उत्पन्न काया चित्रगुप्त नाम से प्रसिद्ध हुआ है। जिसे ब्रह्मा ने स्वर्ग एवं नरक में जाने वालों का लेखा-जोखा रखने एवं पाप पुण्य का फैसला करने जैसे कार्य सौंपे थे। इसी क्रम में सौदास नामक राजा ने चित्रगुप्त की पूजा करना प्रारंभ की। पूजा को लेकर पूजा स्थल को भव्य रूप से सजाया गया था। पुजारी ने वैदिक रीति-रिवाज से पूजा संपन्न कराया। मौके पर आयोजन समिति के लोगो ने कहा कि प्रत्येक वर्ष उनके द्वारा चित्रगुप्त पूजा का आयोजन किया जाता है।

जिसमे कायस्थ परिवार के सभी लोग भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कोरोना काल के कारण इस वर्ष चित्रगुप्त पूजा के अवसर पर कोई विशेष कार्यक्रम का आयोजन नही किया गया है। जबकि अन्य वर्षों में यहां चित्रगुप्त पूजा के अवसर पर विभिन्न तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता था। साथ ही कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोगों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता था। इसके अलावे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता था। जिसका लुत्फ रात भर लोग लेते थे। वहीं लोगों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की जाती थी।

आयोजन समिति के द्वारा चित्रगुप्त पूजा को लेकर शुक्रवार से ही तैयारी की गई थी। इस अवसर पर राम लखन प्रसाद सिन्हा, सुधीर कुमार वर्मा, शैलेंद्र कुमार वर्मा, सुनील श्रीवास्तव, राकेश सिन्हा, पंकज सिन्हा, नितेश सिन्हा, रुपेश सिन्हा, सीए दिवाकर सिन्हा, प्रभाकर सिन्हा, राजन श्रीवास्तव, रोहित श्रीवास्तव, आलोक कुमार, सचिन कुमार, अनुज कुमार सिन्हा सहित काफी संख्या में चित्रांश बंधु उपस्थित थे।

खबरें और भी हैं...