तिल की सौंधी खुशबू से महक रहा गोला:गया के तिलकुट की मांग अधिक है, लगे हैं कई स्टॉल, काम में जुटे हैं कारीगर

गोला16 दिन पहले
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कुछ दिन बाद मकर संक्रांति का त्योहार है। बाजार तिल-गुड़ की खुशबू से गुलजार है। तिलकुट की दुकानें सज गयी हैं। लोकल और गया के कारीगर तिलकुट बनाने में व्यस्त हैं। हर चौक-चौराहे पर चूड़ा, तिलकुट और लड्डू की दुकानें सज गयी हैं। सड़क किनारे तिलकुट खरीदारों से मेले-सा दृश्य उत्पन्न हो गया है। ठंड में तिलकुट खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, इसलिए इसकी बिक्री जमकर हो रही है।

इस बार चीनी की अपेक्षा गुड़ के तिलकुट अधिक बिक रहे हैं। खोया तिलकुट में गुजिया और कचौड़ी आकार खास जनवरी शुरू होते ही बाजार में तिलकुट मिलने लगा है। लोग तिलकुट की खूब खरीदारी कर रहे हैं। वैसे तो बाजार में हर प्रकार के तिलकुट मिल रहे हैं, लेकिन लोगों को खोया तिलकुट सबसे ज्यादा पसंद रहा है। खोया में भी गुजिया और कचौड़ी आकार के तिलकुट खास पसंद रहे हैं।

बाजार में तरह-तरह की लाई बिक रही हैं। ये लड्डू किलो और पैकेट में उपलब्ध हैं। मूढ़ी की लड्डू, चूड़ा लड्डू, मूंगफली की लड्डू खूब बिक रही है। तिल की लड्डू की बिक्री अभी कम है। वैसे यह 50 रुपए प्रति पैकेट बिक रही है।

वैसे तो सिटी में हर प्रकार का तिलकुट बिक रहा है, लेकिन गया का तिलकुट हमेशा सबसे ज्यादा डिमांड में रहता है। तिलकुट बेच रहे हर दूसरी दुकान में गया का प्रसिद्ध तिलकुट लिखा हुआ है। रांची में कई प्रमुख स्थानों पर गया के कारीगरों द्वारा तिलकुट बनाया जा रहा है। शहरवासियों को तिलकुट के अलावा लाई, अनरसा भी पसंद रहे हैं।

क्या कहते हैं खरीदार

बच्चों को तिलकुट बहुत पसंद आते हैं, इसलिए इसे खरीद रही हूं। डॉक्टर भी इस सीजन में तिलकुट खाने कहते हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस साल कीमत कुछ ज्यादा है, फिर भी अन्य मिठाइयों की अपेक्षा यह सस्ता ही पड़ता है। इस बार खोया तिलकुट में नई वेराइटी देखने को मिल रही है। -गुड़िया, कस्टमर

क्या कहते हैं दुकानदार

मेरी दुकान में 40 वर्ष से तिलकुट बेचा जा रहा है। वैसे तो हमारे यहां तिलकुट का टेस्ट सभी को पता है। लोग हमारी दुकान से प्रतिदिन लगभग 10 से 12 किलो की दूरी तय कर लोग तिलकुट खरीदने आते हैं।- अमित कुमार, दुकानदार

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