विरोध:जिले से 17 डॉक्टरों का तबादला, विरोध में भाजपा ने किया प्रदर्शन

गुमला2 महीने पहले
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धरना पर बैठे भाजपाई। - Dainik Bhaskar
धरना पर बैठे भाजपाई।
  • 11 लाख की आबादी वाले जिले में पहले से स्वास्थ्य व्यवस्था का है बुरा हाल

गुमला में पहले से स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति बदतर है। उसके बाद अब जिले के 17 चिकित्सकों का तबादला कर दिया गया है। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित होगा। इस मामले को लेकर भाजपा एसटी मोर्चा की ओर से सदर अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें सरकार से यह मांग की गई कि गुमला जिला से स्थानांतरण किए गए 17 चिकित्सकों के बदले जिला को कम से कम 20 चिकित्सक उपलब्ध कराया जाए।

कोविड-19 के काल में चिकित्सकों की भारी कमी के चलते गरीब जनता का चिकित्सीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। ऐसे में एक साथ 17 चिकित्सकों का तबादला क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है। मोर्चा के जिला अध्यक्ष देवेंद्र लाल उरांव ने कहा कि गुमला जिला 11 लाख आबादी वाला जिला है। जहां की अधिकांश जनसंख्या आदिवासियों एवं अल्पसंख्यकों की है।

यह सर्वविदित है कि यह दोनों समाज आर्थिक रूप से पिछड़ा समाज है, जो सरकार के द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं एवं लाभ के बल पर किसी तरह अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में जब पूरा देश कोविड-19 के तीसरी लहर से भयभीत हैं।

वहीं चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि करने के बजाए सरकार पिछड़े क्षेत्र गुमला से चिकित्सकों का तबादला कर रही है और बदले में चिकित्सक भी उपलब्ध नहीं करा रही है, जो जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ है। अगर सरकार हमारी मांग पर गंभीरता से चिंतन नहीं करेगी, तो जिला के सभी प्रखंड में बृहद पैमाने पर जन आंदोलन चलाया जाएगा और सरकार को इस ओर ध्यान देने के पर विवश किया जाएगा। पहले दिन धरना से आंदोलन का ऐलान किया गया है।

संयंत्रों के संचालन के लिए भी उपलब्ध कराएं टेक्नीशियन : रविंद्र
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा अध्यक्ष रविंद्र सिन्हा ने कहा कि पूर्व में जो भी इक्विपमेंट गुमला जिला हॉस्पिटल को उपलब्ध था। उसके संचालन हेतु टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं होने के कारण जनता उन सुविधाओं का उपयोग कोविड-19 काल में नहीं कर पाई। अतः जिला हॉस्पिटल को अन्य संयंत्रों के संचालन हेतु भी टेक्नीशियन उपलब्ध कराने की मांग भाजपा पार्टी करती है।

महिला मोर्चा अध्यक्ष व जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा ने कहा कि जहां कोविड-19 के तीसरी लहर में बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा है। वहीं गुमला जिला से शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अपूर्व को तबादला कर शिशु चिकित्सक विहीन करने का काम सरकार द्वारा किया गया, जो गंभीर विषय है। एक अच्छे शिशु चिकित्सक को सरकार गुमला सदर अस्पताल में भेजने का काम करें।

तबादला अधिनियम की अवहेलना है : राम
राम अवतार भगत ने कहा कि सभी प्रखंड में एकाद डॉक्टर पदस्थापित थे। जिसे सरकार ने तबादला कर दिया। कई प्रखंड ऐसे है, जो चिकित्सक विहीन हो गए। ऐसे में इतनी भारी संख्या में तबादला अधिनियम की अवहेलना हैं। उन्होंने कहा कि जैसा ज्ञात है 1/10 के अनुपात में ही तबादला किया जाना चाहिए।

धरना कार्यक्रम में ये थे शामिल
कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता भूपन साहु, स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक संतोष कुमार झा, भूपन साहू, बालकेश्वर, राजेश सिंह, एसटी मोर्चा नगर अध्यक्ष भीखेश्वर नागमणि, गायत्री देवी, खुशमन नायक, ज्योति, मीरा, प्रसाद, सागर उरांव, मुकेश राम, कुमार सानू, किशन बड़ाईक, अनिल साहू, नीरज तिर्की, भोला नाग, सोनी कुमारी नंदा, कंचन लाल, प्रतिमा, ज्योति, बंधु टोप्पो, पूजा देवी, निर्मल कुमार गोयल, परमेश्वर, सुशील नंद, शानु कुमार आदि उपस्थित थे।

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