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जीवन रक्त की कमी:ब्लड बैंक की क्षमता एक हजार की, मात्र 7 यूनिट ब्लड उपलब्ध, रोजाना 20 यूनिट की दरकार

गुमला19 दिन पहले
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  • गुमला का ब्लड बैंक खुद एनिमिक, मानवता की सेवा के लिए लोगों से रक्तदान करने की अपील की गई

जिले का एक मात्र ब्लड बैंक एनिमिक हो गया है। चिकित्सकों की भाषा में खून की कमी को एनिमिक कहा जाता है। कल तक जिस ब्लड बैंक से जरूरत पड़ने पर दूसरी जगहों पर खून की व्यवस्था दी जाती थी। आज वही खुद खून के अभाव से गुजर रहा है। जिसका परिणाम है कि एक हजार यूनिट की क्षमता वाले इस ब्लड बैंक में वर्तमान में मात्र सात यूनिट ब्लड शेष बचा है। इससे स्थिति की भयावहता का अंदाजा सहज तरीके से लगाया जा सकता है।

यदि जल्द खून की अनुपलब्धता को दूर नहीं किया जाता है, तो रक्त संकट गंभीर समस्या बन सकती है। क्योंकि प्रतिदिन 15 से 20 यूनिट ब्लड की खपत आम है। लेकिन लॉकडाउन की वजह से रक्तदाता रक्तदान नहीं कर पा रहे हैं और रक्त की कमी हो गई है। चिंता की बात यह है कि सामाजिक परोपकार की भावना रखने वाली संस्थाओं व स्वैच्छिक रक्तदाताओं की बदौलत गुमला में रक्तदान महाअभियान का रूप ले चुका है। वहां खून की कमी का यह आलम परेशान करने वाला है।

खून की कमी से सबसे अधिक एनीमिया पीड़ितों को परेशानी होगी, ऐसे में अलर्ट रहना होगा

भास्कर की पहल पर पिछले 27 अप्रैल से शुरू हुई थी एंबुलेंस सेवा

ब्लड की कमी होने की जानकारी दैनिक भास्कर को विगत 27 अप्रैल को हुई थी। जिसे भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए लोगों को रक्तदान करने को लेकर जागरूक किया था। जिसके बाद लोगों ने अपनी इच्छा अनुसार रक्तदान भी किया था। लेकिन अब ये पुन: ठंडे बस्ते में चला गया। दैनिक भास्कर ने लोगों से पुन: अपील की कि जीवन के लिए रक्तदान करना जरूरी है। सभी लोग रक्तदान कर पुण्य के भागीदारी बनें। जिससे लोगों को समय पर रक्त मिल सके। और रक्त की कमी से किसी की मौत न हो।

70 यूनिट रहता था ब्लड का स्टॉक, रक्तदान करें लोग

ब्लड बैंक के टेक्नीशियन राकेश कुमार के अनुसार कोरोना व लॉकडाउन की वजह से खून के स्टॉक में कमी आई है। पहले 60 से 70 यूनिट रक्त स्टॉक में रहता था। हर दिन 20 यूनिट तक खून इश्यू किया जाता था। इतनी मात्रा में रक्त संग्रह भी आसानी से हो जाता था। इसलिए कभी ब्लड बैंक को रक्त संकट का सामना नहीं करना पड़ा था। पर अब सिर्फ सात यूनिट ब्लड स्टॅाक में है।

सभी लोग रक्तदान के लिए जागरूक हों : रवींद्र सिन्हा

भाजयुमो जिला अध्यक्ष रविन्द्र सिन्हा ने लोगो से अपील की कि सभी लोग रक्तदान करें। रक्तदान महादान है। कोविड के डर से कई लोग अब रक्तदान करने से पीछे हट रहे हैं। यदि हम रक्तदान को बंद कर दें तो जिले में भयावह स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। पहले इसी जिले से लोहरदगा, सिमडेगा, रांची व जशपुर जैसे जिलों में डोनर जाते थे। लोगों से रक्तदान में हिस्सा लेने का आग्रह किया है।

गुरुकुल सदस्य ने किया रक्तदान

गुमला| संत जोसेफ अस्पताल में इलाजरत मरीज अनूपा देवी के इलाज के लिए भाजयुमो के सदस्य राजू ठाकुर ने एक यूनिट ओ पॉजिटिव रक्तदान किया। मौके पर राजू ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए रक्तदान करना दूसरे के जीवन को बचाने के लिए एक उत्तम पहल है। अतः युवा रक्तदान हेतु आगे आए। इस अवसर पर भाजयुमो जिला अध्यक्ष रविंद्र सिन्हा, सदस्य आकाश ठाकुर और लैब टेक्नीशियन अंजू कुमारी उपस्थित थीं।

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