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धोखाधड़ी:आम बागवानी में धांधली मामले में सप्लायर पर धोखाधड़ी का केस

गुमला8 महीने पहले
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मनरेगा के अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत घाघरा प्रखंड के चुंदरी पंचायत में कराई गई आम बागवानी की जांच में भारी गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद पश्चिम बंगाल के सप्लायर असीमा नर्सरी के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी राशि के गबन की प्राथमिकी दर्ज की गई है। डीडीसी संजीव बिहारी अंबर के निर्देश पर घाघरा के बीडीओ विष्णु देव कश्यप ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी के अनुसार घाघरा की चुनरी पंचायत अंतर्गत 40 लाभुकों के खेत में 4410 आम का पौधा असीमा नर्सरी के माध्यम से लगाया गया था। आम के पौधे लगाए जाने के कुछ दिनों बाद ही करीब 4000 पौधा सूख गए। इसकी शिकायत पंचायत के मुखिया के अनुशंसा पर लाभुकों ने बीडीओ से की।

लाभुकों ने पौधे को रिप्लेस कर नया पौधा लगाने की मांग की थी। बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायत के मद्देनजर उपायुक्त ने इस मामले की जांच सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद को करने का निर्देश दिया था। सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने जांच के क्रम में पौधों की खराब गुणवत्ता होने की पुष्टि की थी। जप्राथमिकी में कहा गया है कि नर्सरी के प्रतिनिधि ने जांचकर्ता पदाधिकारी सदर अनुमंडल पदाधिकारी को रिश्वत देने का प्रयास कर जांच को प्रभावित करने की चेष्टा की थी।

मामले की लीपापोती के लिए बदला गया पौधा

जानकारी के अनुसार मनरेगा के अंतर्गत आम बागवानी के लिए चयनित सप्लायर द्वारा आम पौधा की सप्लाई में धांधली किए जाने की पुष्टि के पश्चात उसमें लीपापोती का प्रयास भी प्रारंभ कर दिया गया है। जिसके मृत पौधा को रिप्लेस कर नया पौधा लगाने की प्रक्रिया भी की गई है। प्रत्येक लाभ हो के एक एकड़ भूमि पर 118 आम पौधा लगाने के लिए 3 लाखा 59 हजार की प्राक्कलित राशि निर्धारित की गई है।

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