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बाल मजदूर मुक्ति संस्थान के संचालक की हत्या:दिनदहाड़े ऑफिस में घुसकर युवक को अपराधियों ने मारी गोली, गला रेता, मौत

गुमला8 दिन पहले
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रोते-बिलखते परिजन। - Dainik Bhaskar
रोते-बिलखते परिजन।
  • मानव तस्करी के शिकार लोगों की रेस्क्यू में जुटा था मिथलेश

शहर के अति रिहायशी इलाका गोकुल नगर में अपराधियों ने दिनदहाड़े सुबह करीब 10 बजे 35 वर्षीय युवक मिथलेश कुमार की हत्या गोली मारकर व तेज धारदार हथियार से गला रेतकर कर दी। मृतक मिथलेश डुमरी के जैरागी गांव का रहने वाला था। वह बजरंग दल का सक्रिय सदस्य भी था।उसके पिता संजय साहू विहिप के डुमरी प्रखंड अध्यक्ष है।

वर्तमान में मिथलेश जिला मुख्यालय के मिशन चौक स्थित दाडु टोली में चाची अनिता देवी के घर पर रह रहा था। वह गोकुल नगर में बाल मजदूर मुक्ति संस्थान चलाता था। मानव तस्करी के शिकार लोगों की रेस्क्यू करने में जुटा था। अपराधियों ने संस्थान में ही घुस कर मिथिलेश की हत्या कर दी और भाग निकले।

इधर घटना के बाद विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं समेत लोगो में आक्रोश है। घटना के बाद लोग शव के साथ सड़क जाम करने की तैयारी में जुटे थे। लेकिन एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल, थाना प्रभारी मनोज कुमार ने दल बल के साथ पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

पिता ने डुमरी के दो लोगों प्रवीण साहू व शिवम जायसवाल पर लगाया आरोप
इधर शव सदर अस्पताल पहुंचने के बाद मृतक के परिजन भी डुमरी से पहुंचे। मृतक के पिता संजय साहू ने डुमरी के दो लोगों प्रवीण साहू व शिवम जायसवाल का नाम लेकर कहा कि उन्हीं दोनों ने बेटे को मार डाला है या मरवा डाला है। दोनों दादागिरी के कारण परिवार के साथ दुश्मनी साध रहे हैं।

पूर्व में कई मामलों में दोनों पूरे परिवार को फंसा कर जेल भेजने का काम कर चुके हैं। मेरे ऊपर गोली चलवा चुके हैं। लोगों ने पुलिस को 24 घंटे के अंदर घटना का उदभेदन कर अपराधियों को पकड़ने का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

चाची के घर नहीं जाकर संस्थान में ही रहता था : बताया जाता है कि मृतक मिथलेश विगत चार माह से जिला मुख्यालय स्थित अपनी चाची के घर पर रह रहा था। बाल मजदूर मुक्ति संस्थान का संचालन कर रहा था। तीन दिन पूर्व वह दिल्ली से लोहरदगा व डुमरी के दो नाबालिग बच्चियों को भी रेस्क्यू करा कर लाया था। उसी दिन से वह चाची के घर नहीं जाकर संस्थान में ही रह रहा था। संस्थान में उसके साथ एक युवती रमणी बुढ़ उर्फ पूजा देवी भी रहती थी। जो संस्था की सदस्य है।

घटना की सुबह करीब 9 बजे तक पूजा अपने कमरे में 6 साल के बच्चे ऋषि कुमार के साथ सोई हुई थी। जबकि मिथलेश अहले सुबह ही उठ गया था। पूजा जब करीब 9 बजे सो कर उठी तो उसने कमरे के अंदर से ही मिथलेश से बात करते हुए दो लोगों की आवाज सुनी थी। वे कौन लोग थे वह नहीं जान सकी। संभवतः दोनों मिथलेश की रेकी करने आये थे। उन दोनों के जाने के बाद मिथलेश नहाकर ऑफिस में बैठा हुआ था।

संस्था की सदस्य ने कमरे में बंद होकर बचाई अपनी जान : बताया जाता है कि जब मिथलेश ऑफिस में था उस समय पूजा अपने बच्चे के लिए दूध गर्म कर रही थी। गोली चलने की आवाज सुनाई दी तो ऑफिस की ओर बाहर आने लगी। उसने देखा कि ऑफिस में चार से पांच अपराधी मौजूद हैं। अपराधी उसे भी पकड़ना चाहते थे, लेकिन वह कमरे में घुस गई। बच्चे के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। बताया जाता है कि मृतक मिथिलेश का आपराधिक इतिहास रहा है। वह हत्या के दो मामले में जेल भी जा चुका था। हत्या के मामले में उसे सजा सुनाई जा चुकी है। इसी साल मार्च महीने में अपील पर जमानत में बाहर निकला था।

एसआईटी का गठन कर कार्रवाई में जुटी पुलिस
मिथलेश साहू हत्याकांड को लेकर एसपी डॉक्टर एहतेशाम वकारीब ने घटना के त्वरित उदभेदन व अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर एसआईटी टीम का गठन किया है। टीम में सदर थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार व सशस्त्रबल को भी शामिल किया गया है। इधर टीम गठन किए जाने के बाद पुलिस तेजी से कार्रवाई में जुट गई है।

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