परेशानी:गुमला में कोरोना वैक्सीन की कमी से टीके लगाने का कार्य हो रहा प्रभावित

गुमला6 महीने पहले
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  • हेल्थ वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर, 45 प्लस तथा दूसरे डोज की वैक्सीन भी शामिल

वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए कोविड-19 का वैक्सीन ही एकमात्र उम्मीद दिख रही है। वहीं जिले में वैक्सीन की कमी के कारण वह उम्मीद भी फीका पड़ता जा रहा है। एक तरफ देश में 1 मई से 18 प्लस उम्र वाले लोगों को भी वैक्सीन देने की तैयारी चल रही है। वहीं गुमला जिले में वैक्सीन की कमी के कारण 45 प्लस लोगों के वैक्सीनेशन पर भी संकट उत्पन्न हो सकता है। 28 अप्रैल को जिले में मात्र 244 लोगों को वैक्सीन दी गई। जिसमें हेल्थ वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर, 45 प्लस तथा दूसरे डोज की वैक्सीन भी शामिल है।

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार जिले में वर्तमान में 306 वाइल वैक्सीन उपलब्ध है जिसमें 3000 से अधिक लोगों को वैक्सीन का एक डोज दिया जा सकता है। उपायुक्त की समीक्षा बैठक में भी यह तथ्य प्रदर्शित हुआ था की वैक्सीन की कमी है। यही कारण है कि 45 प्लस उम्र वालों के लिए द्वितीय चरण का वैक्सीनेशन कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ और पहले चरण की तुलना में बहुत कम लोगों को दिया जा सका है। पूर्व के आकलन के अनुसार जिले में 45 प्लस लोगों सहित कुल 2,60,000 लोगों को वैक्सीन देने का टारगेट रखा गया है। जबकि अब तक 1 लाख लोगों का भी वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि को वैक्सीन जिन लोगों ने पहला डोज लिया है उनके लिए दूसरा डोज का वैक्सीन उपलब्ध है किंतु कोविशिल्ड वैक्सीन लेने वाले लोगों को दूसरे डोज में बाधा नहीं हो इसके लिए वैक्सीन की मांग स्टेट से लगातार की जा रही है। ऐसी स्थिति में वैक्सीनेशन का काम जिले में पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।उपलब्ध वैक्सीन के आधार पर सदर अस्पताल स्थित मानसिक चिकित्सालय वैक्सीनेशन सेंटर में टीकाकरण का कार्य बाधित नहीं हो इसके लिए वैक्सीन रिजर्व में भी रखा गया है।

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