कामयाबी:मिथिलेश साहू हत्याकांड का मुख्य सुपारी किलर गिरफ्तार, हथियार भी बरामद

गुमला2 महीने पहले
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जानकारी देते एसडीपीओ व पीछे खड़ा गिरफ्तार आरोपी। - Dainik Bhaskar
जानकारी देते एसडीपीओ व पीछे खड़ा गिरफ्तार आरोपी।
  • ढाेढरी टाेली से की गई गिरफ्तारी, 14 सितंबर काे गाेकुल नगर में हुई थी हत्या

शहर के चर्चित मिथिलेश साहू हत्याकांड मामले में सदर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मिथलेश की हत्या में शामिल मुख्य सुपारी किलर गणेश तिवारी को गिरफ्तार कर ली है। साथ ही उसके पास से एक देशी कट्टा, एक नाइन एम एम का पिस्टल, दो खोखा व घटना में प्रयुक्त खून लगा हुआ तेज धारदार हथियार बरामद की है। एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल व थाना प्रभारी मनोज कुमार ने सदर थाना में प्रेस वार्ता कर गणेश के गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए कहा कि 14 सितंबर को शहर के गोकुल नगर में दिनदहाड़े मिथलेश साहू की गोली मारकर व गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।

इस हत्याकांड के बाद मृतक के भाई के द्वारा डुमरी थाना क्षेत्र के जैरागी गांव के रहने वाले प्रवीण साहू व उसके चचेरे भाई शुभम साहू के ऊपर हत्या की नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। एसपी के निर्देश पर एक एसआईटी टीम का गठन किया गया था। नामजद आरोपी प्रवीण साहू व शुभम साहू की घटना में संलिप्तता सामने आने के बाद ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। फिलहाल दोनों जेल में बंद है।

अनुसंधान के क्रम में 4 अन्य अपराधियों के नाम सामने आए थे। इसके बाद पुलिस एक-एक कर तीन अपराधियों पुनीत ईश्वर व अजय राम को गिरफ्तार किया। तीनों ने पूछताछ में मिथिलेश की गोली मारकर व भुजाली से काटकर हत्या करने की बात स्वीकार की थी। साथ ही बताया कि उसने अपने साथी गणेश तिवारी के कहने पर एेसा किया था। मगर घटना के बाद से वह फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस गणेश की गिरफ्तारी को लेकर लगातार प्रयासरत थी, तभी बुधवार को गुप्त सूचना के आधार पर उसे ढोढरी टोली से गिरफ्तार किया गया।

गणेश काे था शक...बड़े भाई की हत्या मिथिलेश ने की

दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि गणेश ने मिथलेश की हत्या के बाबत बताया कि 6 साल पूर्व उसके बड़े भाई बीनू तिवारी की हत्या कर दी गई थी। हत्या से पूर्व उसके भाई द्वारा उसे बताया गया था कि मिथलेश साहू ने उसकी हत्या का प्लान बनाया है। चूंकि मिथलेश व बीनू एक ही साथ छोटे मोटे अपराध की घटना को अंजाम देते रहते थे। दोनों के बीच चोरी के एक मामले को लेकर विवाद हो गया था।

इसलिए भाई की हत्या के प्रतिशोध में गणेश ने मिथलेश की हत्या कर दी। दोनों पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि मिथलेश की हत्या के दौरान फिजिकल तौर पर घटना स्थल पर चार ही अपराधी मौजूद रहे है। जबकि पूर्व में हुए गिरफ्तारियों के बाद गणेश के साथ तीन लाख की सुपारी देने के बाद हत्या किए जाने की बात सामने आ चुकी है। इसलिए अनुसंधान अब भी जारी है। एसआईटी टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष चंद्र लाल, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी मनोज कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक विमल कुमार, कुंदन कुमार, मोहम्मद शारिक अली व आलोक कुमार शामिल थे।

पांच आरोपी को भेजा जा चुका है जेल : ज्ञात हो कि पूर्व में पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल नामजद आरोपी प्रवीण साहू व उसके चचेरे भाई शुभम साहू समेत अनुसंधान के क्रम में नाम सामने आने वाले पलामू जिला के आजाद गंज थाना क्षेत्र के बरटोली गांव निवासी पुनीत एक्का उर्फ डॉन उर्फ छोटू , ईश्वर लकड़ा पिता सुशील अकड़ा ग्राम ढिढोली व अजय राम पिता जगत राम ग्राम बैरटोली थाना गुमला को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

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