मौत के पांच दिन बाद आया शव:25 मार्च से लापता युवती की केरल में मौत, पुलिस कस्टडी में भाई ने किया अंतिम संस्कार

गुमला3 महीने पहले
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लोगो की लगी भीड़ व हथकड़ी के साथ पहुंचे दोनो भाई - Dainik Bhaskar
लोगो की लगी भीड़ व हथकड़ी के साथ पहुंचे दोनो भाई
  • परिजनों का आरोप-शिकायत के बाद भी नहीं की गई कार्रवाई

घाघरा थाना क्षेत्र के सरानगो गांव की 20 वर्षीय बेटी ममता कुमारी की मौत केरल में होने के बाद मंगलवार को उसका शव गांव लाया गया। परिजनों का कहना है कि 25 मार्च को ममता के गायब होने के बाद पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और चार महीने बाद उसकी मौत की सूचना मिली।

केरल पुलिस से घाघरा पुलिस को ममता की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने ममता के परिजनों को जानकारी दी थी। परिजनों की गुहार के बाद मंगलवार को ममता का शव उसके पैतृक गांव लाया गया। शव लाए जाने के बाद न्यायालय से आदेश के बाद पुलिस कस्टडी में जेल से बाहर निकलकर दुष्कर्म के आरोपी दो सगे भाइयों लालचंद बड़ाइक व पंचू बड़ाइक ने हथकड़ी लगे हाथों से बहन का अंतिम संस्कार किया।

लालचंद बड़ाइक ने बताया वह अपने भाई के साथ वर्ष 2017 से दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद है। उसके माता-पिता का पूर्व में ही देहांत हो चुका है। माता-पिता के निधन और उनके जेल चले जाने के बाद घर में सिर्फ उसकी बहन ममता व एक बीमार भाई रहते थे।

परिजन बोले-मृतका के शरीर पर हैं जख्म के निशान, हत्या की जताई गई आशंका

कार्रवाई की मांग करने पर तत्कालीन थानेदार ने परिजनों को धमकाया था

भाइयों ने बताया कि 25 मार्च को बहन ममता घर से गायब हो गई थी। 31 मार्च को परिजन व बीमार भाई ने थाना में बहन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसकी बहन को जो युवक बहला फुसलाकर केरल ले गया था। उस युवक का मोबाइल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराया गया था।

मगर पुलिस ने उस नंबर व गुमशुदगी की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की। पुनः थाना पहुंचकर कार्रवाई की मांग करने पर तत्कालीन थानेदार कुंदन कुमार सिंह ने परिजनों को ही डराया धमकाया। कुछ दिन बाद परिजन फिर से थाना पहुंचे तो थानेदार ने कहा था कि ज्यादा परेशान करोगे तो तुम लोग के ऊपर ही केस कर देंगे।

जेल से दोनों भाइयों के आने के बाद अंतिम संस्कार

ममता की मौत के बाद शव गांव आने की सूचना मिलते हैं रिश्तेदार के अलावा आसपास के कई लोग उसके घर पहुंचे थे। बीमार भाई हरिश्चन्द्र के अलावा परिवार में किसी पुरुष सदस्य के नही होने के कारण घंटों शव पड़ा रहा। जेल से भाइयों के आने के बाद करीब 2 बजे अंतिम संस्कार किया गया।

घर में किसी को बताए बगैर ही चली गई थी बहन : बीमार भाई

ममता के बीमार भाई हरिश्चंद्र बड़ाईक ने बताया कि 25 मार्च को ममता बिना किसी को घर में कुछ कहे घर से चली गई थी। वह अपनी पत्नी व परिजनों के साथ घाघरा थाना जाकर 31 मार्च को ममता की गुमशुदगी का रिपोर्ट दर्ज कराते हुए खोजबीन का गुहार लगाई थी। लेकिन पुलिस ने मदद नहीं की। उल्टा थाना में उसे ही झूठे मुकदमे में फंसा देने की थानेदार ने धमकी दी थी। जिसके बाद वह डर गया था।

एक माह बाद ममता के सहेलियों ने बताया था कि ममता का उन लोगों से बातचीत होती है। उसने सहेलियों से ममता का नंबर मांग कर उससे संपर्क करने की कोशिश की थी। परंतु ममता ने फोन रिसीव नहीं किया था। घर से जाने के बाद उसका एक बार भी परिजनों से बात नहीं हुआ।

हरिश्चन्द्र ने बताया कि उसकी बहन ममता कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में पढ़ाई कर इंटर पास करने के बाद घर में रह रही थी। केरल पुलिस ने प्रथम दृष्टया उसकी मौत बीमारी से होने की बात कह रही है। मगर बहन का शव देखने से उसके शरीर मे जख्म के निशान दिखाई दे रहे है। उसकी हत्या किए जाने की संभावना है।

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