श्रद्धा के साथ पूजन:संतान के सलामती के लिए माताओं ने रखा निर्जला उपवास

गुमला2 महीने पहले
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अपने संतान को दीर्घायु एवं निरोग रहने की कामना से माताओं द्वारा किया जाने वाला व्रत जीवित्पुत्रिका व्रत गुमला जिले में धूमधाम से मनाया गया। जिस प्रकार सौभाग्यवती महिलाएं अपने सौभाग्य की रक्षा एवं पति की सुरक्षा के लिए हरितालिका तीज का पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ करती हैं, उसी प्रकार पुत्रवती महिलाएं जीवित्पुत्रिका व्रत निर्जला उपवास रखती हैं।

यह पूजा पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ नियम पूर्वक संपन्न किया जाता है। जिले के विभिन्न प्रखंडों, गांवों व कस्बों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से अपने- अपने घरों में जीवित्पुत्रिका का विश्वास कर श्रद्धा के साथ पूजन किया। अपने संतान की रक्षा के लिए किया जाने वाला व्रत तीन दिवसीय होता है।

प्रथम दिन विधि विधान के साथ सात्विक भोजन करते हुए नहाय खाय किया जाता है। दूसरे दिन व्रत उपवास कर पूजन किया जाता है और तीसरे दिन पारण किया जाता है। आश्विन माह के कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को मनाया जाना यह जीवित्पुत्रिका व्रत इस बार 29 सितंबर को संपन्न किया गया। इस मौके पर जीमूतवाहन भगवान की पूजा की जाती है।

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