पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

जल रहे जंगल:नक्सलियों के बारुदी सुरंग की दहशत ऐसी है कि 300 स्थानों पर बुझाने नहीं जा रहे वन विभाग के कर्मचारी

गुमला12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • डेढ़ महीने में 458 जगहों पर लगी आग
  • गुमला, लोहरदगा, खूंटी और सिमडेगा के जंगलों में आग, जल रहे पेड़-पौधे, वन्यजीव प्राणियों का जीवन संकट में

वन विभाग नई आपदा का सामना कर रहा है। गुमला, लोहरदगा, खूंटी और सिमडेगा के जंगलों में आग लगी है। कई जगह महुआ चुनने के लिए लोगों ने आग लगा दी थी तो कुछ स्थानों पर गर्मी के कारण जंगल सुलग रहा है। आग दिनोंदिन बेकाबू होती जा रही है। भास्कर के दो रिपोर्टर ने चारों जिलाें के जंगल में आग लगने की जमीनी हकीकत जानी तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। डेढ़ महीने में यहां जंगलों में 458 जगहों पर आग लगी।

इनमें से करीब 300 जगहों पर लगी आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है। पेड़-पौधे नष्ट हो रहे हैं। वन्यजीव जंतुओं के जीवन पर संकट पैदा हो गया है। वन विभाग के मुताबिक, सूचना है कि जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी है इसलिए समस्या आ रही है। आशंका है कि जंगल के रास्ते में नक्सलियों ने बारुदी सुरंग बिछा रखा है। बारुदी सुरंग के डर से वन समिति और ग्रामीण आग बुझाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। जंगल में ऐसी घटना कभी नहीं हुई थी। भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान की सैटेलाइट तस्वीरों से आग की भयावहता देखी जा सकती है।

भास्कर के दो रिपोर्टर ने चार जिलों के जंगलों में लगी आग की हकीकत जानी

सबसे ज्यादा कुरूमगढ़ चैनपुर क्षेत्र प्रभावित, 269 स्थानों पर लगी आग

भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान की तस्वीरों के आधार पर वन विभाग ने आग पर काबू का प्रयास किया। वन अधिकारियों ने बताया कि करीब 200 स्थानों पर आग पर काबू किया गया है। गुमला के 115, बिशुनपुर 74 और कुरूमगढ़-चैनपुर वन क्षेत्र में 269 स्थानों पर आग लगी है। जंगल के भीतरी इलाके में लपटें दिख रही हैं। नक्सली खौफ से वन विभाग खुद को लाचार महसूस कर रहा है।

पुलिस को भी जंगलों में बारूदी सुरंग बिछाए जाने की आशंका

गुमला वन प्रमंडल के डीएफओ श्रीकांत ने ग्रामीणों के हवाले से बताया कि नक्सलियों ने जंगलों में बारुदी सुरंग बिछा रखा है। विस्फोट में जानमाल के नुकसान के भय से गांव के लोग जंगल में जाने से कतरा रहे हैं। पुलिस को भी बारुदी सुरंग बिछाए जाने की आशंका है। ग्रामीणों को जंगल की रक्षा के लिए प्रेरित किया जाता है। इस बार समस्या गंभीर है।

ग्रामीण सहायता करें तो रोकी जा सकती है जंगल की आग- डीएफओ

गुमला वन प्रमंडल के डीएफओ श्रीकांत ने बताया कि आग से जंगल को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती है। ग्रामीण सहायता करें तो इसे रोका जा सकता है। अक्सर महुआ चुनने को लेकर ग्रामीण आग लगा देते हैं। इस बार पहाड़ों पर आग देखी जा रही है। इससे जीव जंतुओं के जीवन को खतरा है। जंगल की रक्षा के लिए ग्रामीणों को आगे आना चाहिए।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- कुछ रचनात्मक तथा सामाजिक कार्यों में आपका अधिकतर समय व्यतीत होगा। मीडिया तथा संपर्क सूत्रों संबंधी गतिविधियों में अपना विशेष ध्यान केंद्रित रखें, आपको कोई महत्वपूर्ण सूचना मिल सकती हैं। अनुभव...

    और पढ़ें