वंदना अभ्यास का किया गया आयोजन:संस्कृत प्रार्थना गायन, हिंदी वंदना लेखन व वंदना प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

लोहरदगा2 महीने पहले
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विद्या भारती झारखंड के योजना अनुसार संकुल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत वंदना अभ्यास कार्यशाला का आयोजन शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संकुल संयोजक सह विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति के अध्यक्ष शशिधर लाल अग्रवाल ने किया।

अभ्यास वर्ग में गुमला-लाेहरदगाके आचार्यों ने भाग लिया। वंदना कार्यशाला तीन चरणों में संपन्न हुआ। कार्यशाला में वंदना का सामूहिक अभ्यास कराया गया। संस्कृत प्रार्थना गायन, हिंदी वंदना लेखन एवं वंदना प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जो प्रधानाचार्य रमेश कुमार उपाध्याय, सुरेश चंद्र पांडेय, उत्तम मुखर्जी, रामजी प्रसाद ,मनीष कुमार एवं प्रमोद कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

कार्यशाला में प्रबंध कारिणी समिति के संरक्षक कृष्णा प्रसाद, उपाध्यक्ष विनोद राय, सेवानिवृत्त शिक्षक चमर राम, सत्येंद्र शुक्ला विशेष रूप से उपस्थित रहे।

संकुल संयोजक शशिधर लाल अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि वन्दना सभा विद्यालय का दर्पण होता है। किसी भी बालक को बचपन से जैसा संस्कार मिलेगा, वह बड़ा होकर उसी संस्कार में ढल जाएगा। इसलिए शिशु शिक्षा का आधार चरित्र एवं संस्कार आधारित शिक्षा पद्धति होना आवश्यक है। शिशु मंदिर लोहरदगा के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडे ने कार्यशाला का विषय प्रवेश कराते हुए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

संकुल प्रमुख रमेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि बंदना पुस्तक में ग्रह नक्षत्र, मातृभूमि के नदी, पर्वत, धर्म, संस्कृति, विज्ञान के क्षेत्र में पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। कार्यशाला में अमरकांत शुक्ला, गोरख पांडे, मधुमिता शर्मा, विष्णुदत्त पांडे, श्याम सुंदर कुमार, राजीव कुमार सिंह, अरविंद कुमार, मंजू देवी, मुकेश कुमार सिन्हा, अनीता देवी उपस्थित थीं।

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