हूल दिवस / मातृभूमि की रक्षा के लिए वीरों की दी गई शहादत हमेशा सभी को प्रेरित करती रहेगी : मोजम्मिल

The martyrdom of the brave heroes will always inspire everyone to protect the motherland: Mozamil
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The martyrdom of the brave heroes will always inspire everyone to protect the motherland: Mozamil

  • झामुमो के जिला कार्यालय में हूल दिवस पर माल्यार्पण कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

लोहरदगा. झामुमो लोहरदगा जिला समिति ने मंगलवार को जिला कार्यालय में हूल दिवस पर माल्यार्पण कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद ने कहा आजादी की पहली लड़ाई आदिवासियों ने सिद्दो-कान्हू के नेतृत्व में 1855 में ही विद्रोह का झंडा बुलंद कर दिया था। 30 जून 1855 को सिद्दो और कान्हू ने मौजूदा साहेबगंज जिले का भागनाडीह गांव में विद्रोह की शुरुआत की थी।

मौके पर सिद्दो ने नारा दिया था, करो या मरो, अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो इससे लोगों में असंतोष की भावना मजबूत होती गई। सिद्दो-कान्हू, चांद और भैरव चारों भाइयों ने लोगों के असंतोष को आंदोलन में बदल दिया और अपने मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। अब उन वीरों की शहादत हमेशा प्रेरित करती रहती है। मौके पर युवा जफर इकबाल ने कहा कि आजादी की लड़ाई में वीरों ने अपनी खून से मिट्टी को सींचने का काम किया है।

अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष ऐनुल अंसारी ने कहा हुल क्रांति के इस युद्ध में करीब 20 हजार आदिवासियों ने अपनी जान की कुर्बानी दी थी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष ऐनूल अंसारी, विष्णु प्रसाद साहू, युवा जिलाध्यक्ष अजय उरांव, व्यवसायी मोर्चा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय, अख्तर अंसारी आदि उपस्थित थे।

वामदल एकता मंच ने शहीदों को किया नमन

वामदल एकता मंच के बैनर तले मंगलवार को हूल दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मौके पर भाकपा माले के जिला प्रभारी महेश कुमार सिंह ने कहा कि आजादी के 73 वर्ष बाद भी भारत में महंगाई, बेरोजगारी, महिला उत्पीड़न, किसानों को उचित मूल्य से वंचित रखना, स्कूल बंद कर गरीबों को शिक्षा से वंचित करना, गुलामी की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के नक्शे कदम पर कॉरपोरेट को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए किसानों के बदले पूंजीपतियों के कर्ज को माफ किया जा रहा है। आज भी पूंजीपति विदेशों में अपना धन जमा कर रहे हैं।

कहा कि इसके लिए सिद्धू कान्हू, चांद भैरव, बिरसा मुंडा को याद करना झारखंडियों का परम कर्तव्य है। इससे पूर्व सभी लोगों द्वारा झारखंड के सभी शहीदों व शूरवीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही हूल दिवस जिंदाबाद, शहीदों तेरी अरमानों को मंजिल तक पहुंचाएंगे आदि नारेबाजी भी की गई। मौके पर मुख्य रूप से आनंद दास, दिलीप कुमार वर्मा, मुकेश राम, कुमार महतो सहित अन्य शामिल थे।

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