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कैसे पढ़ें:इस बार 90 प्रतिशत छात्र 10वीं पास, पर इंटर में सीट लिमिट, दूसरी श्रेणी के लिए नो इंट्री

गुमला19 दिन पहले
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नामांकन के लिए परेशान छात्र। - Dainik Bhaskar
नामांकन के लिए परेशान छात्र।

झारखंड अधिविध परिषद रांची द्वारा वर्ष 2021 के माध्यमिक बोर्ड परीक्षा के अंतर्गत कोरोना काल के मद्देनजर को ध्यान में रखते हुए नवमी कक्षा में उत्तीर्णता को आधार मानकर जो परीक्षा फल प्रकाशित हुआ है। उसमें पूरे राज्य में 90 प्रतिशत से अधिक छात्र छात्राएं उत्तीर्ण घोषित किए गए है। जबकि लिखित परीक्षा होने पर इनकी उत्तीर्णता का औसत अधिकतम 50 से 60 प्रतिशत तक ही होती।

मगर वर्ष 2021 का अतिरिक्त 30 प्रतिशत परीक्षाफल आने के कारण कॉलेज व प्लस टू विद्यालयों में नामांकन के लिए भारी भीड़ देखी जा रही है। नामांकन नहीं हो पाने के कारण छात्र-छात्राओं में बेचैनी देखी जा रही है। विद्यार्थी नामांकन को लेकर एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज का दौड़ लगा रहे है। इसके बाद भी वे नामांकन कराने में असफल है। प्लस टू विद्यालय प्राथमिकता के आधार पर प्रथम श्रेणी वाले विद्यार्थियों का नामांकन ले रहे है।

जबकि द्वितीय व तृतीय श्रेणी पर आने वाले विद्यार्थियों का नामांकन नहीं हो रहा है। वहीं शिक्षा विभाग द्वारा सभी प्रखंड स्तरीय हाई स्कूल को प्लस टू में उत्क्रमित कर दिया गया है। इसके बावजूद इन विद्यालयों में भी नामांकन नहीं हो रहा है। नामांकन नहीं लेने के पीछे संसाधनों व शिक्षकों की कमी बताई जा रही है।

प्लस टू स्कूलों में निर्धारित सीटों पर नहीं लिया जा रहा है नामांकन

सीटों की कमी के कारण उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालयों में नामांकन कराने की दिशा में शिक्षा विभाग द्वारा ठोस पहल व कार्रवाई की जरूरत है। साथ ही उच्च योग्यता धारी शिक्षक- शिक्षिकाओं की प्रतिनियुक्ति कर पठन पाठन चालू कराने की जरूरत है। परंतु विभाग इस जिम्मेवारी से भाग रही है। उन्हें विद्यार्थियों के भविष्य की कोई चिंता नही है। इधर वैसे प्लस टू विद्यालय जहां जैक के द्वारा रजिस्ट्रेशन के आधार पर जितनी सीट निर्धारित की गई है। उनमें सभी सीटों पर नामांकन नहीं हो रहा है।

अंक 58%, एक सप्ताह से लगा रहे चक्कर

आदिवासी विद्यालय गढ़टोली के छात्र राज केश्वर गोप ने कहा कि वह नामांकन के लिए एक सप्ताह से प्लस टू विद्यालय व कॉलेज का चक्कर काट रहा है। मगर उसका प्राप्तांक 58.40% है उसे नामांकन नहीं मिल रहा।

अंकिता काे एक साल बर्बाद होने का डर

छात्र आकाश उरांव व छात्रा अंकिता कुमारी ने कहा कि मैट्रिक की परीक्षा द्वितीय श्रेणी से पास की। नामांकन नहीं हो रहा है। प्लस टू और कॉलेज में प्रथम श्रेणी के विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर नामांकन लिया जा रहा है।

85 % अंक वाले महादेव का नहीं हाे रहा है नामांकन

नामांकन को लेकर भटक रहे छात्र महादेव उरांव ने कहा कि वह सुदूर गांव फट्ठी का रहने वाला है।वह इस वर्ष ज्ञान ग्लोबल स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा में 85 % अंक हासिल किया है। मगर उसका नामांकन नहीं हो रहा है। महादेव ने बताया कि वह जिस भी प्लस टू में नामांकन के लिए जा रहा है। वहां सीट फुल होता है। ऐसे में वह सरकारी प्लस टू पर आश्रित है। मगर वहां भी सीट लिमिट है। अगर जैक रजिस्ट्रेशन के आधार पर सीट नामांकन का निर्देश देती है तो उसका भविष्य बर्बाद नहीं होगा।

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