मंडे पॉजिटिव:राजस्थान से ट्रेनिंग ले आईं दो महिलाओं ने बनाई सोलर लाइट, 150 घर हो रहे जगमग

गुमला8 महीने पहले
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प्रशिक्षित महिला गांव की अन्य महिला को प्रशिक्षण देते हुए। - Dainik Bhaskar
प्रशिक्षित महिला गांव की अन्य महिला को प्रशिक्षण देते हुए।
  • रायडीह प्रखंड के नक्सल प्रभावित इलाका रह चुका है करंजपुर, रोशनी पहुंचने से विकास के काम में आई तेजी
  • नक्सल प्रभावित करंजपुर की वृंदावती और वीरमुनी ने दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने का बीड़ा उठाया

रायडीह प्रखंड के नक्सल प्रभावित इलाका रह चुका करंजपुर में अब सोलर इलेक्ट्रॉनिक लाइट के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इससे गांव के 150 घर रोशन हो रहे हैं। गांव-घर को रोशन करने व विकास की किरण गांव तक पहुंचाने का सपना प्रशासन के जिला नव परिवर्तन निधि के माध्यम से संभव हो सका।

यह गांव नक्सल प्रभावित इलाका रहा है। आजादी के सात दशक बाद भी गांव का विकास नहीं हो सका था। ऐसे में प्रशासन के प्रयास पर गांव की दो महिलाओं वृंदावती देवी व वीरमुनी देवी को राजस्थान में सौर इलेक्ट्रॉनिक लाइट बनाने का प्रशिक्षण देने के लिए भेजा गया।

छह माह की ट्रेनिंग के पश्चात महिलाएं परिपक्व होकर गांव लौटी और अब इन्हीं महिलाओं द्वारा बनाए गए सोलर इलेक्ट्रॉनिक लाईट से गांव के घर जगमगा रहे हैं। यह महिलाएं गांव व आसपास के क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी लाइट बनाने का प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाने का कार्य कर रही है।

महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की है योजना, दी जाएगी फ्री ट्रेनिंग

महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने को लेकर सोलर लाइट के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाने की योजना है। दोनों महिलाओं ने ट्रेनिंग लेने के बाद सोलर लाइट का निर्माण किया है। जिस गांव में बिजली नहीं पहुंच सकती है, वहां सोलर लाइट के माध्यम से बिजली पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

अभी 150 घरों में बिजली पहुंचाई गई है। जब गांव मे सोलर लाइट के माध्यम से पहली बार बिजली पहुंची तो लोगों का खुशी का ठिकाना नहीं था। जिला प्रशासन की ओर से महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

नक्सल प्रभावित रहने के कारण विकास से अछूता रह गया गांव

वृंदावती देवी व वीरमुनी देवी ने कहा कि पूर्व में यह गांव नक्सल प्रभावित रहा है। जिस कारण क्षेत्र विकास से अछूता रह गया। गांव में बिजली के पोल गड़े हुए थे। किंतु ग्रामीण ढिबरी युग में जीने को विवश थे। इसके बाद धीरे-धीरे प्रशासन के प्रयास से विकास की योजनाएं क्षेत्र में धरातल पर दिखना प्रारंभ हुआ है। इसी क्रम में सोलर लाइट के माध्यम से बिजली की आपूर्ति का काम किया गया है। जो निश्चित विकास की दिशा में पहली कड़ी है।

रोड निर्माण व शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग

मुखिया रंजीत उरांव ने उपायुक्त व अन्य अधिकारियों से गांव में रोड निर्माण, सिंचाई की व्यवस्था, प्लस टू स्कूल में शिक्षकों की कमी की समस्या से अवगत कराते हुए इसके समाधान की मांग की है, जिससे गांव और पंचायत का विकास तीव्र गति से हो सके। इसपर अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि प्रशासन गांव के विकास के लिए चिंतित है।

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