लोग परेशान:खराबी के कारण एक साल से बंद है जलमीनार, परेशान हो रहे लोग

कुडूएक महीने पहले
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हाथी का दांत बना जलमीनार। - Dainik Bhaskar
हाथी का दांत बना जलमीनार।

प्रखंड मुख्यालय के समीप शहरी जलापूर्ति योजना के तहत दो वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से बना जलमीनार ग्रामीणों के लिए हाथी का दांत बनकर रह गया है। कुडू व टाटी पंचायत के हजारों ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिये बनाया गया जलमीनार में तकनीकी खराबी के कारण पिछले एक वर्षों से बंद पड़ा है। नतीजा ग्रामीण प्यास बुझाने के लिये चापाकल के भरोसे है। वो भी गांव में गाड़े गए अधिकतर चापाकल खराब पड़े हैं। इसके कारण ग्रामीणों की समस्या और बढ़ गई है।

ग्रामीणों में संजय कुमार, विनय कुमार, समर कुमार, अंकित, शिवलाल, मुकेश, अमन, जयश्री, अनिता, शीला, अनिता, गीता, सरिता, सुनीता सहित दर्जनों ने बताया लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपए की राशि से कुडू, टाटी, जामुन टोली, कुंदों,नवाटोली, दोबा, हाता टोली, करंज टोली, पिपरटोली, न्यू बस पड़ाव, नीचे स्टैंड, इंदिरा गांधी चौक, बाईपास सड़क, ब्लॉक चौक के हजारों ग्रामीणों की पेयजलापूर्ति के लिए जलमीनार का निर्माण किया था। जलमीनार में पानी की आपूर्ति के लिये कुडू से लगभग चार किलोमीटर दूर उमरी कोइल नदी तट इंटक वेल का निर्माण कराया गया। कुछ महीने तो पानी मिला, उसके बाद कभी कभी अब तो पानी की आपूर्ति पिछले एक वर्षों बन्द पड़ी है।

पेयजलापूर्ति के लिये जिला प्रसाशन, प्रखंड प्रशासन, सांसद, विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य से काफी गुहार लगाया गया। लेकिन किसी ने अभी तक पेयजलापूर्ति के लिये पहल नहीं की है। करोड़ाें की योजना बेकार साबित हो रही है। पेयजल के लिए लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बावजूद इसके समस्या का हल नहीं निकला है। ग्रामीणों ने कहा है जल्द पेयजलापूर्ति चालू नहीं की गई ताे सड़क पर निकल आंदोलन किया जाएगा।

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