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नया खाता:पुलिस ने महिलाओं की पिटाई की, धान की फसल को जेसीबी से रौंद किया बर्बाद

हैदरनगर10 दिन पहलेलेखक: जयनंदन पांडेय
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हुसैनाबाद अनुमंडल मुख्यालय से लगभग 10 किमी दूर कुड़वा कला गांव में राजदेव यादव सहित 150 परिवारों की जमीन को जेल निर्माण के नाम पर हुसैनाबाद अनुमंडल पुलिस-प्रशासन कब्जा करने में लगा है। भुक्तभोगी जमीन मालिक राजदेव यादव ने कहा कि पुराना खाता संख्या 67 प्लाट संख्या 121 रकबा तीन एकड़ 44 डिसमिल जमीन जिसका नया खाता संख्या 121 प्लाट संख्या 441 को प्रशासन से मिलीभगत से जमीन को कब्जा किया जा रहा है।

1991 से इस जमीन पर जोत कोड़ कर 150 परिवार का भरण पोषण किया जा रहा है। पूर्व में यह जमीन परती थी। इसे हमारे पूर्वजों द्वारा सिंचाई योग्य जमीन को बनाकर खेती की जाती है। किसानों का घर भी बनाया गया है। कहा कि जमीन पर लहलहाती धान की फसल को भी जेसीबी मशीन से बर्बाद किया गया। साथ ही महिलाओं को जमीन से हटाने के लिए घसीटते हुए मारपीट की । प हमारे परिजनों पर हुसैनाबाद पुलिस ने एफआईआर कर दो परिवारों को जेल भी भेज दिया है। अगर उचित न्याय सरकार व जिला प्रशासन नहीं देगा तो हम सभी परिवार उसी जमीन पर आत्महत्या कर लेंगे। इसकी सारी जवाबदेही हुसैनाबाद अनुमंडल प्रशासन की होगी।

जेल के लिए महुरांव खेल मैदान के पास जमीन चिह्नित थी : संजय

इधर इस संबंध में पूर्व विधायक संजय कुमार सिंह यादव ने कहा कि हुसैनाबाद के बराही के टोला कुड़वा कला गांव के गरीबों के साथ प्रशासन घोर अन्याय कर रहा है। गांव में जेल का निर्माण कराना सुरक्षित नहीं है। पूर्व में जेल निर्माण के लिए देवरी सीमेंट फैक्ट्री स्थित महुरांव खेल मैदान के बगल की जमीन को चिह्नित किया गया था।

लेकिन एक साजिश के तहत अनुमंडल मुख्यालय से 10 किमी दूर कुड़वा गांव में जेल का निर्माण कराना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ अनुमंडल प्रशासन अन्याय कर रहा है। जिसे राजद कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। किसानों के साथ किसी भी तरह की कोई घटना घटती है तो इसकी पूर्ण जिम्मेदार अनुमंडल प्रशासन की होगी।

सरकारी जमीन है, किसानों ने कब्जा किया है: सीओ

जेल निर्माण से संबंधित मामले में हुसैनाबाद के अंचल पदाधिकारी नंद कुमार राम ने बताया कि वह पूर्व से सरकारी जमीन है। यह किसानों द्वारा कब्जा की गई थी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि किसानों द्वारा खेत में लगाई गई धान की फसल की भी क्षतिपूर्ति दी जाएगी। उन्होंने सरकार द्वारा ही आवंटित नए खतियान के अनुसार खाता संख्या 121,प्लाट संख्या 441 के संबंध में बताया कि पहले वह जमीन सरकार द्वारा पट्टा दी गई थी। जिस पर किसान द्वारा म्यूटेशन कराकर रसीद की प्राप्ति की गई है। लेकिन वह जमीन सरकारी है। इस संबंध में हुसैनाबाद थाना प्रभारी से पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनके द्वारा मोबाइल रिसीव नहीं किया गया।

जमीन पर 150 परिवार गुजर-बसर करते हैं, अब उनकी परेशानी बढ़ी
जमीन मालिक ने कहा कि हुसैनाबाद के अंचल पदाधिकारी द्वारा किए गए गलत माफी का हम किसान खामियाजा भुगतने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि इसी जमीन में हम 150 परिवार रहकर जीवन बसर करते हैं। हमलोगों के पास इसके अलावा कहीं पर एक धुर भी जमीन नहीं है। परिजनों के साथ शनिवार को पूर्व विधायक संजय कुमार सिंह यादव से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।

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