भास्कर ब्रेकिंग:हजारीबाग में 31 कराेड़ रु. का चापाकल घाेटाला, अधिकारियाें और कर्मचारियाें के रिश्तेदारों के नाम पर बने फर्म काे ही दे दिया टेंडर

हजारीबागएक महीने पहलेलेखक: उमेश राणा
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  • पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल हजारीबाग में राेज सामने आ रहे हैं नए-नए घाेटाले, डीसी बोले-जांचेंगे हर कार्य
  • वर्क ऑर्डर देने से पहले ठेकेदाराें से वसूले गए प्रति चापाकल सात हजार रुपए

पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, हजारीबाग में रोज नए-नए घोटाले सामने आ रहे हैं। टेंडर घाेटाले के बाद अब चापाकल घाेटाला सामने आया है। प्रमंडल में चापाकल लगाने के नाम पर 31.28 कराेड़ की गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। डीसी सह पेयजल एवं स्वच्छता समिति के अध्यक्ष आदित्य कुमार आनंद ने कहा कि विभाग से कराए गए सभी कार्याें की जांच कराई जाएगी। जाे भी दाेषी हाेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हाेगी।

वित्तीय वर्ष 2021-22 में हजारीबाग प्रमंडल के चतरा, काेडरमा और रामगढ़ में 4285 चापाकल लगाने के लिए 73 हजार की दर से 31.28 कराेड़ रुपए का टेंडर हुआ था। लेकिन 40 प्रतिशत चापाकल लगे ही नहीं। जाे लगे, उसकी गहराई कम थी और पाइप भी खराब क्वालिटी का लगा दिया गया। इसमें भी कर्मचारियाें और अधिकारियाें के सगे-संबंधियाें काे ही काम दे दिया गया।

सारा वर्क ऑर्डर अधीक्षण अभियंता हरेंद्र कुमार मिश्रा की ओर से जारी किया गया था। जानकाराें का कहना है कि वर्क ऑर्डर देने से पहले ऊपर मैनेज करने के नाम पर ठेकेदाराें से प्रति चापाकल सात हजार रुपए वसूले गए। इसकी जानकारी मिलते ही बरही विधायक उमाशंकर अकेला ने अपने क्षेत्र में काम नहीं हाेने दिया। उन्होंने कहा कि इस गड़बड़ी को सरकार के सामने रखेंगे।

190 फीट गहराई कर लगाना था, ठेकेदारों ने 100 फीट की गहराई तक ही पाइप डाला

विभागीय सूत्राें ने बताया कि चापाकल का टेंडर देने में भारी गड़बड़ी हुई। लेखा लिपिक मनाेज कुमार की मां के नाम पर बनी फर्म सरस्वती इंटरप्राइजेज सहित उन्हीं एजेंसियाें काे काम दिया गया, जिनके नाम टेंडर घाेटाले में आए हैं। अधीक्षण अभियंता वर्क ऑर्डर मिलने के बाद इकरारनामा के लिए ठेकेदार कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कर्मचारी के पास गए।

वर्क ऑर्डर के मुताबिक, एक चापाकल 180 से 190 फीट तक गहराई कर लगाना है, लेकिन ठेकेदाराें ने 100 फीट गहराई तक ही पाइप डाला। पाइप की क्वालिटी भी बेहद खराब है। ऐसे चापाकल जल्दी जवाब दे देते हैं। फिर उसकी मरम्मत के नाम पर टेंडर कराया जाता है।

कहां लगे कितने चापाकल

  • हजारीबाग 1285
  • चतरा 1500
  • रामगढ़ 700
  • झुमरी तिलैया 800

अगस्त में आए हरेंद्र, सभी टेंडर इसके बाद के

अधीक्षण अभियंता हरेंद्र कुमार मिश्रा पहले पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल चाईबासा में कार्यपालक अभियंता थे। लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजना समेत उनके कार्यों की विभागीय जांच हुई तो ये दोषी पाए गए। दो बार शोकाॅज किया गया।

हरेंद्र ने जो स्पष्टीकरण दिया, उसे विभाग ने रिजेक्ट कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की। दोषी पाए जाने पर मार्च में उनके वेतन पर रोक लगा दी गई। इसके बाद वेतन शुरू हुआ, लेकिन इन्क्रीमेंट पर अभी भी रोक है। अगस्त में उन्हें प्राेन्नत कर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल हजारीबाग का अधीक्षण अभियंता बनाया गया। सभी टेंडर इसके बाद के हैं।

कल राज्यपाल से मिलेंगे भाजपा नेता

इधर, भाजपा नेता बटेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा है कि वे जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के साथ 16 दिसंबर को राज्यपाल को ज्ञापन देंगे। उन्होंने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, हजारीबाग में करोड़ों रुपए का घपला हुआ है। हजारीबाग के अधीक्षण अभियंता मार्च 2022 में रिटायर होनेवाले हैं। उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी देना गलत है।

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