चिकित्सक की फटकार:विधायकों के पैरों पर गिर पिता की जान बचाने की लगाई थी गुहार, पर बचा नहीं सका युवक

हजारीबाग2 महीने पहले
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  • स्ट्रेचर नहीं मिला था, पिता को कंधे पर उठाकर ले गया वार्ड, डॉक्टर ने बिना देखे भेज दिया था रिम्स

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में अपने बीमार पिता को इलाज कराने के लिए आए बेटे ने चिकित्सक की फटकार के बाद विधायक के पैरों पर गिर पड़ा। चिकित्सक के समक्ष गिड़गिड़ाता रहा। बहुत मुश्किल से उसके पिता की भर्ती ली गई लेकिन उसे उपयुक्त इलाज आखिरकार नहीं हीं मिल पाया और बुधवार को सुबह में उसने दम तोड़ दिया। लाख कोशिश के बाद भी एक बेटा अपने पिता को नहीं बचा पाया।

मंगलवार की रात में हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सह चंदनकियारी विधायक अमर कुमार बाउरी, सिमरिया विधायक किसुन दास, कांके के विधायक समरी लाल और पूर्व सांसद पलामू अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रभारी पहुंचे थे। जहां देखा की बड़कागांव सोनपुरा निवासी सुबोध महतो अपने गंभीर रुप से बीमार पिता 61 वर्षीय मोहन महतो को लेकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचा था। जहां वह वार्ड में ले जाने के लिए स्ट्रेचर खोजता रहा लेकिन उसे स्ट्रेचर नसीब नहीं हुआ और ना ही कोई सहयोगी मिले।

उसने खुद से एंबुलेंस से अपने कंधे पर पिता को उठाकर ट्रामा सेंटर इमरजेंसी वार्ड ले जा रहा है। फिर यह भी देखा की वह चिकित्सक के पास इलाज के लिए गिड़गिड़ा रहा है लेकिन चिकित्सक मरीज को बगैर देखे यह कह दिया कि यहां इलाज नहीं होगा इसको रिम्स ले जाओ। हताश बेटा अपने पिता को बचाने के लिए विधायक अमर बाउरी, किशन दास, समरी लाल और पूर्व सांसद के सामने पहुंचा और सीधे दंडवत उनके पैरों पर गिर पड़ा थाऔर कहा था कि मेरे पिता का इलाज करवा दीजिए।

उसने अस्पताल में उसके साथ हुए व्यवहार का सारा घटनाक्रम बताया। फिर उक्त विधायकों ने इसे गंभीरता से लेते हुए अस्पताल के अंदर चले गए। सारी व्यवस्थाएं देखी जिस चिकित्सक ने उसे फटकार लगाई थी उसी चिकित्सक को बुलाकर इलाज करवाया। भर्ती करवाया आईसीयू में भर्ती हुआ लेकिन उसे ऑक्सीजन की जरूरत थी तो अस्पताल में ना ही मास्क मिला और ना ही पाइप।

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