कमेटी का गठन किया:30 दिन काम लेकर 26 दिन का ही वेतन भुगतान का लगाया आरोप

हजारीबाग9 महीने पहले
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हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रविवार को भारतीय कर्मचारी मजदूर यूनियन की कमेटी का गठन किया गया । जिसमें अध्यक्ष अनीता टूटी सचिव आश्रिता टोप्पो और कोषाध्यक्ष सीमा बेसरा को बनाया गया। गठन को लेकर आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि के रुप में प्रदेश अध्यक्ष विवेक वाल्मीकि उपस्थित हुए।

प्रदेश अध्यक्ष विवेक वाल्मीकि ने कहा कि हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ट्रेड यूनियन के नहीं होने के कारण मजदूरों पर कंपनियों के द्वारा शोषण किया जा रहा है। जब यह कर्मचारी अपने मूल वेतन की आवाज उठाते हैं तो कंपनी के द्वारा मजदूरों को काम से निकाल दिया जाता है या फिर डराया धमकाया जाता है।

कहा जाता है कि अगर आप लोग यूनियन बाजी करोगे तो आप लोगों को काम से निकाल दिया जाएगा। जिसके कारण मजदूरों में डर बना हुआ रहता है। यहां तक कि मजदूरों का कंपनी के द्वारा ईपीएफ का खाता भी नहीं दिया जा रहा है। ईपीएफ की राशि कंपनी के द्वारा जमा की जा रही है या नहीं जमा की जा रही है इसकी भी जानकारी मजदूरों को नहीं दी जाती है। जो भी कंपनी आती है ईपीएफ की राशि का गबन कर जाती है।

मजदूरों से 30 दिन काम करवाया जाता है और 26 दिन का ही वेतन का भुगतान किया जाता है। अभी हाल में ही एक सफाई कर्मचारी की मृत्यु हुई जिसमें कंपनी के द्वारा आश्रित को सिर्फ ₹10000 ही दिया गया। जबकि कंपनी के द्वारा मजदूरों का इंश्योरेंस करवाया जाता है। ईपीएफ कंपनी के द्वारा मजदूरों को इंश्योरेंस फंड दिया जाता है लेकिन कंपनी के द्वारा ऐसा कुछ नहीं किया गया ।मजदूरों ने धरना प्रदर्शन भी किया विरोध भी किया उसके बाद भी मृत कर्मचारी के परिवार को कोई न्याय नहीं मिला।

यह सारा तमाशा अस्पताल प्रबंधक के सामने हो रहा है उसके बाद भी प्रबंधक के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। लेकिन अब मजदूरों पर इस प्रकार का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में हजारीबाग के भारतीय कर्मचारी मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष कृष्णा कुमार, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार, जिला सचिव मोहित वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष राजकुमार सोनी और आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित थे।

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