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राष्ट्रीय विरोध दिवस:स्वास्थ्यकर्मियों पर हिंसा रोकने के लिए बने केंद्रीय कानून

हजारीबाग2 महीने पहले
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  • चिकित्सक व हेल्थ वर्कर्स ने हिंसा रोकने के लिए मनाया राष्ट्रीय विरोध दिवस
  • लगाया काला बिल्ला

राष्ट्रीय इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर हजारीबाग जिला के चिकित्सक और हेल्थ वर्कर्स ने 18 जून को काला बिल्ला लगाकर अपनी ड्यूटी निभाई। इसके पूर्व आईएमए हजारीबाग के चिकित्सकों ने आईएमए कार्यालय सभागार में बैठक की। सभी काला बिल्ला लगाए हुए थी। इस बैठक में सुरक्षा विषय पर सभी ने अपनी अपनी बात रखी।

सेक्रेट्री रूपेश कुमार ने भी संबोधित किया। कहा कि चिकित्सक और हेल्थ वर्कर्स यूनियन के साथ हिंसा रोकने को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रीय विरोध दिवस मनाया गया। सभी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी राष्ट्रीय विरोध दिवस के थीम सेव द सेवेरियर्स का काला बिल्ला लगाकर शर्ट और मास्क पहन अपने काम में जुटे रहे। हेल्थ वर्कर अपने कार्यस्थल पर हिंसा के विरोध के पोस्टर भी लगा रखे थे।

आईएमए की ओर से एक आवेदन डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया। जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों पर हिंसा रोकने के लिए केंद्रीय कानून बनाने, अस्पताल को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने, चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हिंसा मामले में दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सख्त सजा दिलाने के प्रावधान की मांग की गई।

स्वास्थ्य कर्मियों ने सांसद और विधायक को भी इस मुद्दे पर ज्ञापन देने का निर्णय लिया। आम लोगों से अपील की गई कि वह इलाज के दौरान अस्पतालों में संतोषजनक परिणाम नहीं मिलने पर हिंसा नहीं करके उचित जगह पर शिकायत करें या कानूनी प्रक्रिया का सहारा लें। ताकि स्वास्थ्य कर्मी सुरक्षित वातावरण में आम जनता की सेवा कर सके।

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