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आयोजन:चीन 1962 से ही भारत की भावनाओं को पहुंचा रहा है आहत- पेनपा सेरिंग

हजारीबाग6 दिन पहले
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  • तिब्बत में तिब्बतियों को चीनी धर्म अपनाने की साजिश की जा रही

रविवार को वर्चुअल बैठक सह स्वागत समारोह का आयोजन तिब्बत समन्वय केंद्र नई दिल्ली के द्वारा आयोजित हुई। जिसमें तिब्बत की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति सिकियोंग पेनपा शेरिंग का स्वागत किया गया। जिसमें झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय संयोजक सुदेश कुमार चंद्रवंशी ने भाग लिया। तिब्बत के नव निर्वाचित सिकियोंग ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि तिब्बत के आजादी को लेकर एक नई रणनीति तय की जाएगी। तिब्बत में तिब्बतियों को चीनी धर्म अपनाने की साजिश की जा रही है।

तिब्बती सभ्यता को वहां खत्म किया जा रहा है। 1962 से आज तक चीन भारत के भावनाओं को आहत पहुंचा रहा है। आज चीन के विस्तार वादी नीति के कारण तिब्बत के साथ-साथ भारत भी परेशानी में है। अगर चीन तिब्बत के विषय पर बात करना चाहता है तो तिब्बती निर्वासित सरकार बात करने के लिए इच्छुक है। क्षेत्रीय संयोजक सुदेश कुमार चंद्रवंशी ने सुझाव दिया कि कोर ग्रुप के सभी सदस्य भारत सरकार से तिब्बत के विषय पर अंतरराष्ट्रीय फोरम में आवाज उठाने के लिए आग्रह करें। निर्वासित तिब्बती सरकार के नए सिकियोंग राष्ट्रपति ने कोर ग्रुप और भारत में सभी तिब्बत सपोर्ट ग्रुप को धन्यवाद दिया और कहा कि तिब्बत मुक्ति साधना में आप सब का योगदान हमेशा याद किया जाएगा।

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