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नया आयाम देने की तैयारी:हजारीबाग के डेमोटांड़ में डेढ़ एकड़ में बन रहा है देश का पांचवां सबसे बड़ा रसोई घर, एक लाख बच्चों का एक साथ बनेगा भोजन

हजारीबाग9 दिन पहलेलेखक: कृष्ण कांत सिंह
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  • 27 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है अक्षय पात्रा रसोई

झारखंड में मध्याह्न भोजन योजना को एक नया आयाम देने की तैयारी की जा रही है। जिले के 565 स्कूलों के बच्चों के मध्याह्न भोजन एक साथ एक रसोई मे बनाने की तैयारी की जा रही है। 27 करोड़ की लागत से हजारीबाग के डेमोटांड़ में देश का पांचवां सबसे बड़ा रसोई तैयार किया जा रहा है।

इन दिनों इस कार्य में तेजी देखी जा रही है। देश की प्रतिष्ठित स्वयं सेवी संस्था अक्षय पात्रा के देखरेख में इस कार्य को सम्पादित किया जा रहा है। 2017 में ही पूर्व केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री और हजारीबाग के वर्तमान सांसद जयंत सिन्हा की अगुवाई में अक्षय पात्रा के व्योमपद दास और जिला शिक्षा अधीक्षक में इससे संबंधित एमओयू साइन किया गया था।

इस योजना को लेकर राज्य भर में उत्सुकता है। इससे मध्याह्न भोजन योजना को नया आयाम दिया जा सकता है। यह एक ऐसी योजना है जिसके द्वारा जिले के 565 स्कूलों के बच्चों के लिए भोजन तैयार करने के कार्य से मुक्ति देगा और स्कूलों को ताजा और गरम भोजन मुहैया कराएगा। अक्षय पात्रा के रसोई से जो वाहन भोजन ले कर स्कूलों तक जायेगा, उसका भोजन चार घण्टे तक गर्म रहेगा।

100 वर्कर हर दिन कर रहे हैं काम
विश्व का पांचवां रसोई घर बनाने के लिए लगभग एक सौ वर्कर हर दिन काम कर है। पिछले डेढ़ साल से बिल्डिंग निर्माण का कार्य जारी है। डेढ़ एकड़ जमीन पर बनने वाला अक्षय पात्रा रसोई सात से आठ महीने में बनकर तैयार हो जाएगा।

इस रसोई में सबसे खास बात यह है कि खाना बनाने का सारा सिस्टम हाईटेक टेक्नोलॉजी से लैस होगा। बिल्डिंग के एक भाग में ऑफिशियल बिल्डिंग होगा। बिल्डिंग का दीवाल एसी ब्लॉक से बनाए जा रहे है। एसी ब्लॉक ईट की खासियत यह है कि इसमें टेंपरेचर नॉर्मल रहता है। एक प्रकार का यह खास ईट साधारण ब्रिक से लगभग दस गुना बड़ा होता है, पर बहुत ही हल्का होता है। यह ईंट कोलकाता से मंगाया जा रहा है।

अक्षय पात्रा बनने से शिक्षकों के समय की होगी बचत
अक्षय पात्रा रसोई बन जाने से स्कूलों के शिक्षकों का समय तो बचेगा ही, साथ साथ उनकी परेशानी भी कम होगी। मध्याह्न भोजन में लापरवाही के कारण कई जगहों पर कीड़े मकोड़े व भोजन में छिपकली गिरने का मामला अखबारों की सुर्खियां भी बनती रही है। विषाक्त भोजन खाने से बच्चों को अस्पताल मैं भी भर्ती होने की नौबत आ चुकी है, पर अब ऐसा नहीं होगा अक्षय पात्रा रसोईघर बन जाने से बच्चों को ताजा गर्म व समय पर भोजन मिल सकेगा।

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