मेगा शिविर:न्यायालयों में मुकदमों की संख्या अधिक होने के कारण शीघ्र और सस्ता न्याय मिलने में कठिनाई

चरहीएक महीने पहले
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स्टॉल का निरीक्षण करते मुख्य न्यायाधीश और अन्य। - Dainik Bhaskar
स्टॉल का निरीक्षण करते मुख्य न्यायाधीश और अन्य।
  • चुरचू प्रखंड के लारा फुटबॉल मैदान में मेगा लीगल सर्विस कैंप का झारखंड के मुख्य न्यायाधीश ने किया शुभारंभ

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा शनिवार को चुरचू प्रखंड के लारा फुटबॉल मैदान में मेगा लीगल सर्विस कैंप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन व विशिष्ट अतिथि झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह, सुजीत कुमार सिंह और हजारीबाग जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार राय थे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर किया।

माैके पर झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन ने कहा कि आज हम सबके लिए विशेष दिन है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित अखिल भारतीय विधिक जागरुकता अभियान जिसका शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्टूबर पर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने की थी। यह कार्यक्रम छह सप्ताह 2 अक्टूबर से 14 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमण के नेतृत्व में न्यायमूर्ति यूयू ललित ने इस अभियान रूपी रथ को पूरे भारतवर्ष में दौड़ाया है।

कार्यक्रम की पूर्णाहुति 14 नवंबर को होगी। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में महिलाओं की स्थिति को देखकर राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त द्वारा लिखी गई कविता “अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी, आंचल में है दूध और आंखों में पानी”। डॉ. रवि रंजन ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण से ही समाज का विकास होगा। देश के अधिकांश लोग निर्धन एवं अशिक्षित है। जो सामाजिक न्याय से वंचित रह जाते है।

न्यायालयों में मुकदमों की संख्या अधिक होने के कारण शीघ्र एवं सस्ता न्याय मिलना बहुत कठिन हो गया है। संविधान के अनुछेद 39 क में हर नागरिक को सामाजिक न्याय प्रदान करने की बात की गई है। जिसके अनुसार कोई भी व्यक्ति आर्थिक या किसी अन्य कारण से न्याय से वंचित नहीं रह सकता है। हर नागरिक को समान अवसर के साथ-साथ आसानी से न्याय भी उपलब्ध होना चाहिए।

माैके पर हजारीबाग उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद, एसपी मनोज रतन चौथे, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सह न्याय सदन हजारीबाग पुरुषोत्तम कुमार गोस्वामी, डीडीसी, एसडीओ, विष्णुगढ़ एसडीपीओ अनुज उरांव, इंस्पेक्टर मनोज सिंह, चुरचू थाना प्रभारी इंद्रदेव रजवार, आंगो थाना प्रभारी धर्मवीर यादव, चुरचू अंचलाधिकारी शशिभूषण सिंह, बीडीओ इन्द्र कुमार, सहित कई पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे। हरेंद्र कुमार राणा और गौरव सहाय को बेस्ट पीएलवी का प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो प्रदान किया गया।

विधिक सेवा से प्रदान की जाने वाली सेवाएं: सरकारी खर्च पर वकील, कोर्ट फीस के लिए खर्च, अभिलेखों (कागजातों) को तैयार करने का खर्च, गवाहों को आने-जाने का खर्च, मुकदमे से संबंधित अन्य जरूरी खर्च। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्य, अनैतिक अत्याचार के शिकार लोग या ऐसे लोग जिनसे बेगार कराई जाती है, महिलाएं एवं बच्चे, मानसिक रोगी एवं विकलांग व्यक्ति, अनपेक्षित अभाव जैसे बहुविनाश, जातीय हिंसा, बाढ़, सूखा, भूकंप या audyogik औद्योगिक विनाश में पीड़ित व्यक्ति या औद्योगिक श्रमिक, कारागृह, किशोर, मनोचिकित्सा अस्पताल, ऐसे सभी लोगों जिनकी वार्षिक आमदनी 1 लाख से अधिक नहीं है।

कार्यक्रम में लगाए 42 स्टॉल, मिली जानकारी
जिसमें एनटीपीसी, बैंक, स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास परियोजना, मनरेगा, जिला ग्रामीण विकास, स्पोर्ट संस्था, पेयजल विभाग, स्वच्छता प्रमंडल, रोजगार सहायता केंद्र, डाक विभाग, मत्स्य विभाग, सामाजिक सुरक्षा विभाग सहित 42 सरकारी और गैर सरकारी स्टॉल लगाए गए थे। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने स्टालों का निरीक्षण किया और कई निशक्तों और मुकबधिरों को उपकरण बांटे। इस कार्यक्रम के दौरान कुल 1 लाख 33 हजार 692 लाभुकों के बीच 1 अरब 84 करोड़ से अधिक के परिसम्पत्तियों का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के 13 हजार 15 लाभुकों को एक अरब 69 करोड़ रुपए की परिसम्पति, 50 केसीसी प्रमाण पत्र के अंतर्गत 29 लाख 75 हजार की परिसम्पत्ति 6 दिव्यांगजनों को यंत्र का वितरण किया गया। 10 लाभुकों को एचपी सोलर साइकिल पंप का वितरण किया गया। सहित करोड़ों की परिसम्पत्ति का वितरण किया गया।

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