रूफीना तिर्की ने कहा:महाविद्यालय स्तरीय स्ट्रेस मैनेजमेंट सेल का गठन करें

हजारीबाग6 महीने पहले
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महामारी में विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रहने की जरूरत है। महामारी के कारण कई विद्यार्थी अपने भविष्य के प्रति असमंजस में रहते हैं। ऐसी परिस्थिति में उन्हें तनाव मुक्त रहना चाहिए। विद्यार्थी कभी नहीं समझे कि उनकी समस्या केवल उन्हीं की है। यह समस्या सभी विद्यार्थियों के साथ समान रूप से है। वैसी परिस्थिति में उन्हें अपने रुचिकर कार्यों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उक्त बातें विनोबा भावे विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ के तत्वाधान में एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारियों के लिए आयोजित ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के एनएसएस के कार्यक्रम संयोजक डॉ जॉनी रूफीना तिर्की ने कही।

उन्होंने कहा कि स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए राज्य, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय स्तरीय स्ट्रेस मैनेजमेंट सेल के माध्यम से विद्यार्थियों को कोरोनाकाल में उचित मार्गदर्शन करना है, ताकि बच्चे तनाव में नहीं रहे। बैठक में विश्वविद्यालय स्तरीय स्ट्रेस मैनेजमेंट सेल के गठन को लेकर कार्यक्रम पदाधिकारियों को विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक ने आपदा के चुनौतियों से निपटने के लिए अवसर तलाशने की बात कही, जिसके लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट सेल अपनी कारगर भूमिका कैसे निभा सकता है, इसकी जानकारी सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को दी।

साथ ही यह भी निर्देशित किया कि सभी कार्यक्रम पदाधिकारी अपने- अपने महाविद्यालय में महाविद्यालय स्तरीय स्ट्रेस मैनेजमेंट सेल का गठन करें। वैक्सीनेशन कार्यक्रम को लेकर भ्रांतियां अभी तक जो लोग अपने मन में लिए हैं उन तक वैक्सीनेशन के उद्देश्य और लाभ को पहुंचाया जाए।

विपदा की इस घड़ी में विद्यार्थियों की इच्छाशक्ति और मनाेबल बढ़ाने की जरूरत : डाॅ. अनुज
बैठक में आरके महिला कॉलेज, गिरिडीह के प्राचार्य डॉ अनुज कुमार ने सभी का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि इस कोरोना जैसे विपदा की घड़ी में अपने मनोबल और इच्छाशक्ति को गिरने नहीं देना है। साथ ही उन्होंने अपना अनुभव साझा किया कि मात्र सात दिनों के अंदर घर में रहकर कोरोना को कैसे मात दिया। राज्य स्तरीय स्ट्रेस मैनेजमेंट सेल कि सदस्य डॉ सरिता सिंह ने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वयंसेवक को ऐसा तैयार करें कि तनाव एवं अवसाद की चपेट में आया विद्यार्थी उनसे मात्र बात करने के बाद अपने अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा के संचार को अनुभव करे।

सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों से विचार विमर्श कर कार्यक्रम समन्वयक डॉ तिर्की ने विश्वविद्यालय स्तरीय स्ट्रेस मैनेजमेंट सेल की घोषणा की, जिसमें अध्यक्ष के रूप में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ जॉनी रूफीना तिर्की, सदस्य सचिव के रूप में संत कोलंबा महाविद्यालय के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ सरिता सिंह, विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में विनोबा भावे विश्वविद्यालय पीजी मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सादिक रजाक, विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में एक चिकित्सक, सदस्य के रूप में जिला नोडल पदाधिकारी हजारीबाग डॉ खेमलाल महतो, जिला नोडल पदाधिकारी गिरिडीह डॉ संजीव कुमार सिन्हा, जिला नोडल पदाधिकारी रामगढ़ श्रीमती शीला सिंह, जिला नोडल पदाधिकारी चतरा डॉ फहीम अहमद ,जिला नोडल पदाधिकारी कोडरमा सौरव शर्मा, मार्खम कालेज के कार्यक्रम पदाधिकारी बीएन सिंह, मां विंध्यवासिनी कॉलेज ऑफ एजुकेशन पदमा के कार्यक्रम पदाधिकारी शिवकुमार राणा, वरीय स्वयंसेवक शशिकांत कुमार एवं पुरुषोत्तम कुमार अपनी भूमिका निभाएंगे।

बैठक का संचालन अमन हेंब्रम और धन्यवाद ज्ञापन भोला नाथ सिंह ने किया। बैठक में कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ बलभद्र सिंह, डॉ रजनी बड़ाईक, डॉ मीना सिंह, डॉ कामना राय, डॉ अरुणा रानी डॉ अतुल तिर्की, सुरेश प्रसाद, डॉ वीरेंद्र प्रताप, श्री अमित सिंह, श्री आर्गो चटर्जी, अरनव सामंता, डॉ मधुश्री सेन सन्याल, डॉ बिगुल प्रसाद, श्री दयानंद कुमार यादव, डॉ मनोज कुमार सिंह, श्री प्रशांत कुमार, सुधांशु जमैयार, डॉ विशेश्वर रविदास, श्रीमती वंदना चौरसिया के साथ विभिन्न महाविद्यालय के कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित थे ।

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