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स्वागत गान:समाज के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाली भाषा है हिंदी

हजारीबाग4 दिन पहले
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हिंदी दिवस पर आईसेक्ट विश्वविद्यालय सभागार में मंगलवार को राजभाषा सप्ताह कार्यक्रम के दौरान चलने वाले आखिरी दिन के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुरूआत कुलपति डॉ पीके नायक, डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, डीन एकेडमिक डॉ विनोद कुमार के हाथों सरस्वती माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में सरस्वती वंदना के साथ साथ अतिथियों के स्वागत में स्वागत गान पेश किया गया।

मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक व कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद के साथ साथ डीन एकेडमिक डॉ विनोद कुमार व डीन एडमिन डॉ एसआर रथ को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कुलपति डॉ पीके नायक ने हिंदी को समाज के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाली भाषा बताया और कहा कि जिस देश की भाषा जितनी उन्नतिशील होती है, वह देश उतना ही तरक्की करता है।

हिंदी भाषा को संवेदना की अभिव्यक्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि इस अभिव्यक्ति को बनाए रखने के लिए सभी देशवासियों को ज़रूर प्रयास करना चाहिए। कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि साहित्य में हमें पढ़ने को मिलता है कि हिंदी भारत माता की बिंदी है। इसी से हिंदी भाषा के अहमियत का एहसास होता है। डीन एकेडमिक डॉ विनोद कुमार, डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, मंच संचालन कर रहीं डॉ रोजी कांत ने भी हिंदी की अहमियत पर प्रकाश डाला।

राजभाषा सप्ताह कार्यक्रम के दौरान आयोजित गायन प्रतियोगिता में शालिनी को कुमारी प्रथम, ओशिन दुबे द्वितीय व रितिक राज को तीसरा स्थान मिला। कविता में तमन्ना सिंह, दीपक कुमार, ईशा नाज क्रमशः पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। निबंध में प्रभाकर कुमार को प्रथम, शशि किरण को दूसरे जबकि पूर्णिमा कोड़ा को तृतीय पुरस्कार दिया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में गोपी कृष्ण व निधि कुमारी को पहला स्थान प्राप्त हुआ।

विजय कुमार व मिलन मालाभगत दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में अहम भूमिका निभाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम अधिकारी डॉ रोजी कांत, डॉ ललित कुमार, उमा कुमारी, प्रीति व्यास, अभिनव कुमार, संजय कुमार दांगी व गोकुल कुमार को भी स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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