गेट खुले / एचएमसीएच दो भागों में बंटा, खुले दोनों गेट, बीच में किया गया पार्टीशन

HMCH split into two, open both gates, split in the middle
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HMCH split into two, open both gates, split in the middle

  • एक तरफ होगा कोविड-19 वार्ड और कार्यालय ,दूसरी तरफ चलेगी ओपीडी, ईद के बाद शुरू होगी ओपीडी सेवा

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:47 AM IST

हजारीबाग. एचएमसीएच अस्पताल हजारीबाग के इंटरनल स्पेस को सुरक्षा के दृष्टिकोण से दो भागों में बांटा गया है। अस्पताल के दोनों गेट को शनिवार से खोल दिया गया है। खोले गए दोनों गेट के बीच में अस्पताल परिसर में मिलने वाले रास्ते को बैरियर लगाकर पार्टीशन कर दिया गया है। एक तरफ  कोविड-19 वार्ड  और कार्यालय एवं दूसरे तरफ ओपीडी और विभिन्न वार्ड होगा। एक गेट से आम लोक स्वास्थ्य सेवा लेने के लिए प्रवेश कर पाएंगे जबकि एक गेट सिर्फ स्वास्थ्य कर्मी चिकित्सक और कोविड-19 संदिग्ध और संक्रमित लोगों के लिए होगा। लंबे समय से बंद ओपीडी सेवा ईद के बाद  से शुरू हो जाएगी। एचएमसीएच में आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा बंद कर दिए जाने के बाद आम मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था जिसे लेकर पूर्व विधायक सहित कई पार्टी के नेताओं ने निजी अस्पतालों को ओपीडी सेवा देने का  विरोध किया था वही सदर विधायक मनीष जायसवाल ने भी अपने स्तर से लाइफ केयर में पाए गए  कुव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई थी।
काेविड-19 वार्ड की हाे रही बेरेकेडिंग
एचएमसीएच अस्पताल में ईद के बाद ओपीडी सेवा शुरू कर दी जाएगी। यह जानकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ एसके सिन्हा ने दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल के दोनों गेट खोल दिए गए हैं। कोविड-19 वार्ड की बेरिकेडिंग की जा रही है। फिलहाल आइसोलेशन में  36 कोरोना संदिग्ध मरीज भर्ती है।  जिनके  जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। उसके बाद पूरे अस्पताल को सैनिटाइज किया जाएगा। ओपीडी सेवा शुरू करने के लिए उपकरणों के शिफ्टिंग का काम शुरू हो गया है। अस्पताल  मे ट्रूनेट मशीन इंस्टॉल किया जा रहा है। जिससे प्रतिदिन 40 लोगों की कोरोना संक्रमण की जांच की जा सकेगी। 
निजी अस्पतालों को ओपीडी सेवा देने का नेताओं ने किया था विरोध 
मालूम हो कि पूर्व विधायक मनोज यादव, गौतम सागर राणा, भाजपा नेता बटेश्वर मेहता, दीपक सहाय, सीपीएम जिला सचिव गणेश कुमार वर्मा  सीटू आदि ने एचएमसीएच अस्पताल  को कोविड-19 अस्पताल बनाए जाने के बाद निजी अस्पतालों को ओपीडी सेवा देने का विरोध किया था। पूर्व विधायक गौतम सागर राणा ने कहा था कि इसे कोविड-19 अस्पताल बनाए जाने से हजारों मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कोविड-19 के लिए केंद्रीय कारा के समीप नए मेडिकल कॉलेज भवन का उपयोग किया जा सकता है। ऐसा नहीं कर सदर अस्पताल सह मेडिकल कालेज अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को विखंडित कर प्रसव केंद्र को शहर से नौ किलोमीटर दुर डेमोटांड़ स्थित श्रीनिवास हॉस्पिटल को दे दिया गया है।

जबकि ओपीडी की सुविधा शहर से चार किलोमीटर दूर पेलावल स्थित लाइफ केयर अस्पताल को दे दी गई है। जहां मरीजों से अधिक शुल्क लिए जाने की सूचना मिली है। वहीं बरही के पूर्व विधायक मनोज कुमार यादव ने एचएमसीएच के भवन से कोरोना मरीजों को हटाकर नए मेडिकल कालेज भवन में स्थापित करने की मांग की थी।उन्होंने एचएमसीएच में पूर्व की तरह सभी चिकित्सा सेवा बहाल करने की मांग की थी। कहा था कि वर्तमान में हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल शहर के बीचोबीच मेन रोड में अवस्थित है। यहां सिर्फ कोरोना का इलाज किया जा रहा है। अन्य सेवाएं निजी अस्पताल को सौंप दी गई है।

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