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मिट रहा है ऊर्जा किला:झारखण्ड और संस्कृति पुस्तक में डॉ. वी. वीरोत्तम ने उरदा किला का किया है जिक्र, अब दीवारे ही बच गई है

केरेडारी2 दिन पहलेलेखक: गणेश कुमार
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हजारीबाग और चतरा जिले के बॉर्डर पर उरदा किला अवस्थित है। 29 मई 1991 में चतरा जिले को हजारीबाग से अलग किया गया है। इससे पहले यह किला हजारीबाग जिले में ही पड़ता था। उरदा किला कभी रामगढ़ राज की पहली राजधानी थी। रामगढ़ राज के प्रथम शासक राजा बघदेव सिंह ने उरदा को अपनी पहली राजधानी बनायी थी। फिलहाल इस किले का कुछ अवशेष बचे हुए है। इस पर अभी तक पुरातत्व विभाग एवं पर्यटन विभाग ने कोई सुधि नहीं ली है।

झारखंड के इतिहास एवं संस्कृति पुस्तक में डॉ वी वीरोत्तम ने उरदा किला का जिक्र किया है। इस पुस्तक के अनुसार सन 1368 में राजा बघदेव सिंह उरदा में अपनी पहली राजधानी बनाई थी। हालांकि सैकड़ों वर्ष पुराना यह किला पूरी तरह धाराशायी हो चुका है। पर इस किले का कुछ अस्तित्व आज भी बचे हुआ है। वर्तमान में किले की चहारदीवारी में हाथियों को रखने वाले घर एवं किले का कुछ हिस्सा दिखाई देता है। किले की दीवारें काफी चौड़ी है। जिन्हें चुना गुड़ एवं उरद दाल के गारे से बनाया गया है।

किले के संदर्भ में क्या कहते है गांव के बुजुर्ग : गांव के बुजुर्ग बितलु भुइयाँ, करम महतो, मथुरी राम, प्रभु राम, नरसिंह महतो, वनवारी ठाकुर ने बताया कि 40-45 वर्ष पूर्व एक बड़ा चहारदीवारी का छोटा-छोटा एवं मोटा पत्थर की दीवारें रहता था जो धीरे धीरे टूट गया एवं इन पत्थरों को अगल बगल गांव के लोग घर और कुआं बनाने के ख्याल से ले गए।

4 जगहों पर स्थानांतरित की राजधानी
डॉ वी वीरोत्तम के अनुसार सबसे पहले उरदा को ही पहली राजधानी बनाई गई थी। पर समय के साथ राजधानी परिवर्तित होती गई। उरदा के बाद क्रमशः बड़कागांव के बादम, रामगढ़, ईचाक एवं पदमा को भी राजधानी बनाई गई थी। पदमा रामगढ़ राज की अंतिम राजधानी थी। अन्य इतिहासकारों ने उल्लेख किया है की सन 1600 में आक्रमण का खतरे को देखते हुए रामगढ़ राज के वंशजों द्वारा राजधानी को बादम बड़कागांव स्थानांतरित किया।

इस राजधानी में राजा दलेल सिंह ने शासन किया था। इस संदर्भ में उरदा गांव के 65 वर्षीय बुजुर्ग मेवा महतो ने बताया कि 40 वर्ष पूर्व एक व्यक्ति घर बनाने के लिए मिट्टी खोद रहा था। उसी क्रम में जमीन से भारी मात्रा में सोना चांदी निकला था। जिसे ग्रामीणों ने उसी जगह छोड़ दिया था। जिसे बाद में चोर चुरा कर ले गए थे।

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