ऐसे हो रहा है विकास:शहर के चौक-चौराहों के सुंदरीकरण के नाम पर पुराने स्वरूप में हेर-फेर कर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है नगर निगम

हजारीबाग3 दिन पहलेलेखक: उमेश कुमार
  • कॉपी लिंक
  • तीन वर्ष पहले बने पीडब्ल्यूडी चौक का चबूतरा टूटा, दोबारा से बनाया जाएगा
  • जंक्शन इम्प्रूवमेंट योजना से पथ प्रमंडल विभाग शहर के चार-चौराहों को कर रहा है विकसित, शहर का सबसे बड़ा चौराहा है पीडब्ल्यू चौक

हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत चौक-चौराहों के सुन्दरीकरण के नाम पर शहर के चौक-चौराहों के पुराने स्वरूप में हेर-फेर कर खानापूर्ति की जा रही है, जिसके करने से चौक की सुन्दरता में चार चांद लग रहा हो, ऐसा भी नहीं है। बल्कि पुराने की पहचान मिटा कर उसकी जगह उसी तरह का नया ढांचा खड़ा कर दिया जा रहा है। इसी क्रम में शहर के ऐतिहासिक झंडा चौक का पुराना चबूतरा और स्तंभ गिरा कर उसकी जगह नया चबूतरा और स्तंभ खड़ा किया गया है और अब उसी तर्ज पर पीडब्लूडी चौक के चबूतरे को तोड़ा जा रहा है।

नगर निगम ने शुरू की 24 चौराहों के सुन्दरीकरण की योजना
दूसरी तरफ हजारीबाग नगर निगम ने वर्ष 2021 में शहर के 24 चौक चौराहों के सुन्दरीकरण की योजना शुरू की है। सुन्दरीकरण की योजना में 15वें वित्त आयोग से उपलब्ध एक करोड़ 95 लाख रुपये खर्च होने हैं। सुन्दरीकरण के तहत मुख्य रूप से चौक के आसपास पेवर ब्लाक, लाइटिंग की सजावट पर जोर दिया जा रहा है। इस सूची में शहर के वो सभी चौक चौराहे शामिल हैं, जहां पहले से किसी न किसी तरह का ढांचा बना हुआ है, जिसे सुन्दरीकरण की इस नई योजना के लिए तोड़ कर उसी तरह का नया ढांचा खड़ा किया जा रहा है। नगर निगम के इस रवैये की आम शहरियों के बीच आलोचना हो रही है। पीडब्लूडी चौक को तीन वर्ष पहले ही विकसित किया गया है।

जंक्शन इम्प्रूवमेंट योजना के तहत पथ प्रमंडल विभाग द्वारा शहर के चार-चौराहों को विकसित किया गया था, जिसमें उपलब्ध रोड की जमीन के लिहाज से सबसे बड़ा चौराहा पीडब्लूडी चौक का ही है। इस चौक के अलावा पीडब्लूडी के द्वारा बड़ा पोस्ट ऑफिस चौक, नीलाम्बर-पीतांबर चौक तथा पीटीसी चौक को जंक्शन इम्प्रूवमेंट प्लान के तहत विकसित किया गया है।

जनप्रतिनिधियों ने देखा था प्रजेंटेशन
नगर क्षेत्र में चौक चौराहों के सुन्दरीकरण की योजना के बाबत नगर निगम के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रजेंटेशन दिखाया गया था, उनकी सहमति के बाद कार्य की शुरुआत की की गई है। सुन्दरीकरण योजना के तहत पीडब्लूडी चौराहा के बीच बने चबूतरा को तोड़ा जा रहा है। वहां एक स्टेप सीढ़ी निर्माण के साथ बीच में पांच फीट का ग्लोब बनाने और बोलार्ड लाइट से सजाने की योजना है। लेकिन इस बीच नगर निगम की महापौर वहां सिद्धों कान्हो का स्टैच्यू स्थापित करने के पक्ष में हैं। इससे पहले भी पीडब्लूडी द्वारा चौराहा को विकसित किये जाने के बाद चौक के नामकरण और प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विभिन्न संघ-संगठनों के द्वारा राजनीति होती रही थी।

24 की जगह दो-चार चौराहों को संवारना बेहतर
शहर के प्रबुद्ध नागरिक मनोज गुप्ता ने शहर में चौक चौराहों के सुन्दरीकरण के नाम पर चल रहे खेल पर कहा कि योजना को 24 खानों में घटोरने की बजाय अगर शहर के कुछ ही चौराहों को ढंग से संवारने का काम होता तो शहर के हक में होता। शहर का भी नाम पहचान होता और काम कराने वाले हजारीबाग नगर निगम का भी नाम होता।​​​​​​​

खबरें और भी हैं...