उच्चस्तरीय जांच:सीएस कार्यालय की क्रय समिति की निर्धारित दर से दोगुने में मेडिकल कॉलेज ने खरीदी दवा

हजारीबाग25 दिन पहले
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  • एसबीएमसीएच हॉस्पिटल में दवा खरीद में अनियमितता का आरोप,सीएम से की शिकायत

हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020-21 में दवा खरीदारी में करोड़ों रुपए का घोटाला किए जाने की बात सामने आ रही है। इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। हॉस्पिटल सूत्रों की मानें तो जिस दवा को खरीदने के लिए सीएस कार्यालय का क्रय समिति ने दवाओं का जो मूल्य निर्धारित किया उसी दवा को दोगुने कीमत पर शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ने पुनः मूल्य निर्धारण कर खरीदारी की है। इसमें दो वित्तीय वर्ष में 3 करोड़ से अधिक की खरीदारी ऊंचे कीमत पर बगैर आवंटन के किए जाने की खबर है।

इसकी शिकायत कांग्रेस जिला कमेटी के उपाध्यक्ष मिथिलेश दुबे ने 1 सितंबर 2021 को स्वास्थ्य चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग के अपर सचिव को लिखित रूप से की था, लेकिन इस आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने के बाद पुनः 3 अक्टूबर को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को लिखित शिकायत की है। इसके बाद भी राज्य मुख्यालय की चुप्पी के कारण शिकायतकर्ता ने फिर से मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजा है। शिकायत पत्रों में कहा गया है कि उक्त दोनों वित्तीय वर्षों में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट ने दवा खरीदारी में करोड़ों रुपए का घोटाला किया है।

आश्चर्य की बात यह है कि सिविल सर्जन द्वारा दवाओं का क्रय मूल्य जिला क्रय समिति के द्वारा जो तय किया गया था। उसके विपरीत सुपरिटेंडेंट शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ने दवाओं का क्रय दर नए ढंग से निर्धारित किया। जो सिविल सर्जन हजारीबाग द्वारा निर्धारित दर से दोगुना है। एक ही जिले में एक ही दवा का क्रय मूल्य अलग-अलग निर्धारित कर सरकारी पैसे की बंदरबांट की गई है। बिना आवंटन के दवाओं का क्रय से प्रमाणित होता है कि बहुत बड़ी अनियमितता की गई है। मिथिलेश दुबे ने इस मामले की मुख्यालय स्तर से गठित कमेटी के द्वारा जांच कराने और दोषी पर कार्रवाई करने की मांग की है।

तत्कालीन सुपरिटेंडेंट डॉ एसके सिन्हा ने कहा कि हमारे कार्यकाल में जो भी खरीदारी हुई है वह सभी टेंडर से की गई है। बगैर टेंडर का एक सुई भी नहीं खरीदी गई है। टेंडर से खरीदारी होने के कारण गड़बड़ी की बात ही नहीं है। सुपरिटेंडेंट पद से हटे हमारा 8 माह गुजर गया है। अगर उसके बाद की खरीदारी पर सवाल है तो इसके लिए वर्तमान सुपरिटेंडेंट से बात की जा सकती है।

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