व्रत-त्योहार:पुत्र के दीर्घायु के लिए मांओं ने किया जिउतिया

दारू2 महीने पहले
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हिंदू धर्म में कई व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। जिनमें से माताएं अपने पुत्र की लंबी उम्र, आरोग्य और सुख समृद्धि का आशीष हमेशा बनाए रखती है। इसमें से 36 घंटा तक उपवास कर जिउतिया व्रत करती है।

इस व्रत को जीवित पुत्रिका और जिउतिया व्रत भी कहा जाता है। अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के जिमुतवाहन व्रत होता है। इस व्रत के संबंध में पंडित राजकुमार शर्मा ने बताया कि जीवित्पुत्रिका व्रत से कई कथाएं जुड़ी हैं। जिनमें से एक कथा महाभारत से जुड़ी है।

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