अपील / लॉकडाउन में साइबर क्राइम से बचने की जरूरत : डीएसपी

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  • साइबर डीएसपी के दिए टिप्स अपनाकर आप भी धोखाधड़ी से बच सकते हैं

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:49 AM IST

हजारीबाग. रांची की साइबर डीएसपी यशोधरा ने लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को साइबर क्राइम का शिकार होने से बचने की जरूरत है। उन्होंने कहा है कि लोगों को कुछ चीजों को ध्यान में रखना होगा, तभी वे बदमाशों के झांसे में आने से बच सकेंगे। 
ओटीपी शेयर ना करें - किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा फोन किए जाने पर उसे ओटीपी बताएं। अक्सर साइबर अपराधी फर्जी बैंक का अधिकारी बन कर लोगों को फोन करते हैं और अकाउंट अपडेट या  आधार से  लिंक करने की बात कहते हुए पूरी जानकारी लेने के बाद ओटीपी पूछकर पैसे की निकासी कर लेता है। ऐसे में किसी भी हाल में ओटीपी बताने से बचना चाहिए।
अनजान एसएमएस को क्लिक किया फॉरवर्ड करने से बचें - अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक को फॉरवर्ड या ओपन कभी ना करें। साइबर फ्रॉड अक्सर एसएमएस के माध्यम से लिंक भेज कर ठगी की घटना का अंजाम देता है।
पेमेंट एक्सेप्ट करने के लिए यूपीआई पिन डालने से बचें - किसी भी प्रकार के पेमेंट एक्सेप्ट करने के लिए पीन की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसे में पेमेंट एक्सेप्ट करने के लिए अगर कोई यूपीआई पिन डालने के लिए कहता है तो उससे बचें। यदि कोई ओएलएक्स, क्वीकर या फेसबुक से सामान बेचते हैं और ऐसे में कोई फोन कर कहता है कि मैं लिंक भेज रहा हूं, पैसा आपके अकाउंट में आ जाएगा या गूगल पर पर मेरी पेमेंट एक्सेप्ट कर ले। यह ध्यान रखें कि कभी भी पैसा पाने के लिए यूपीआई पिन डालने की आवश्यकता नहीं होती है। साइबर फ्रॉड लोगों को गुमराह करते हैं और अकाउंट से पैसे की ठगी कर लेते हैं।
स्क्रीन शेयरिंग एप का इस्तेमाल करने से बचें - एनीडेस्क, टीमव्यूअर जैसे स्क्रीन शेयरिंग एप के इस्तेमाल करने से बचने की आवश्यकता है। ऐसे ऐप से साइबर अपराधी मोबाइल की जानकारी बिना बताए लोगों के मोबाइल से ले लेता है। कभी भी किसी अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड ना करें।
कभी भी कस्टमर केयर का नंबर गूगल से सर्च ना करें - अक्सर लोगों को देखा जाता है कि कस्टमर केयर का नंबर गूगल से सर्च कर फोन पर जानकारी का आदान प्रदान करते हैं। लोगों को ऐसा करने से परहेज करना चाहिए। गूगल पर सर्च किया गया कस्टमर केयर का नंबर साइबर अपराधियों का भी हो सकता है। ऐसे में वह झांसे में लेकर ठगी की घटना का अंजाम दे सकता है।फेसबुक या इंस्टाग्राम पर पैसे भेजने से बचें - फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे नियमित सामाजिक नेटवर्क को भी साइबर अपराधी अपना हथियार बनाकर अलग अलग तरीके से ठगी की घटना का अंजाम कर देता है। साइबर अपराधी लोगों के अकाउंट से मिलता जुलता अकाउंट बनाकर या दूसरे के अकाउंट को हैक कर उसके दोस्तों से तत्काल पैसों का मांग मैसेंजर के माध्यम से करता है। जो लोग झांसे में आ जाते हैं वे ठगी के शिकार हो जाते हैं।

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