चार्जशीट:हाईकोर्ट में पुलिस ने माना, ढेंगा गोलीकांड में हुई थी गण शॉट इंज्युरी

हजारीबाग9 दिन पहले
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बड़कागांव में 14 अगस्त 2015 को ढेंगा में किसान अधिकार महारैली के दौरान हुई चर्चित गोलीकांड में एक नया मोड़ आया है। हाईकोर्ट में पुलिस ने हलफनामा दायर कर ढेंगा गोलीकांड में घायल मंटू सोनी को गण शॉट इंज्युरी की बात स्वीकार कर ली है। इससे पहले पुलिस घटना की एफआईआर,चार्जशीट से लेकर विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में किसी को गण शॉट इंज्युरी होने से इनकार कर चुकी थी।

हाईकोर्ट में मंटू सोनी की तरफ से अधिवक्ता अभिषेक कृष्ण गुप्ता ने क्रिमिनल रिट संख्या 127/21 दायर कर कोर्ट में यह कहा था कि मंटू सोनी पीड़ित है,पुलिस ने उसे अभियुक्त बना दिया है। मंटू सोनी गोली से घायल हुए थे । हजारीबाग सदर अस्पताल में इलाज कराने के दौरान पुलिस ने उसे बड़कागांव थाना कांड संख्या 167/15 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

जबकि पुलिस केस से लेकर कोर्ट में दिए चार्जशीट तक पुलिस ने मंटू सोनी के गण शॉट से घायल होने और उसके बयान का जिक्र तक नही किया है। विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में भी पुलिस ने मंटू सोनी के घायल होने से इनकार कर दिया था। बाद में एक अन्य सवाल में पुलिस ने विधानसभा में स्वीकार किया था कि उक्त घटना में मंटू सोनी व अन्य घायल हुए थे।

विधानसभा में सरकार के द्वारा विरोधाभाषी जवाब पर पुलिस ने हाईकोर्ट में कोई जवाब नही दिया ।मंटू सोनी द्वारा जेल से लिखे पत्र के आधार पर निचली अदालत द्वारा पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश देने के एक साल बाद बड़कागांव कांड संख्या 214/16 दर्ज किए जाने के आरोप पर भी पुलिस ने कोई जवाब नही दिया है । मंटू सोनी के आवेदन पर बड़कागांव थाना में दर्ज कांड संख्या 214/16 , कांड संख्या 167/15 में मंटू सोनी के खिलाफ एएसआई ओमप्रकाश को अनुसंधानकर्ता बनाए जाने और तत्कालीन एसडीपीओ अनिल सिंह द्वारा गण शॉट इंज्युरी के सबूत और कांड संख्या 167/15 के तथ्यों को मिलान नही करते हुए मनमर्जी से नियम विरुद्ध मिस्टेक ऑफ फैट्स बताते हुए अभियुक्तों को रिहा किए जाने की कोर्ट में अनुशंसा किए जाने के आरोप पर पुलिस ने हाईकोर्ट में कोई जवाब नही दिया है। पुलिस की तरफ से हाईकोर्ट में बड़कागांव इंस्पेक्टर श्याम चंद्र सिंह ने हलफनामा दायर किया है।

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