कार्यक्रम:दूधमटिया पर्यावरण मेले की वर्षगांठ पर पेड़ाें में बांधे गए रक्षासूत्र

हजारीबाग15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

हजारीबाग जिले के टाटीझरिया के दूधमटिया वन में रक्षाबंधन की 27वीं वर्षगांठ गुरुवार को सादगीपूर्वक मनाई गई। इस मौके पर वनदेवी की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद वन्य प्राणी सुरक्षा समिति के सदस्य, वन विभाग के अधिकारी और ग्रामीणों ने पेड़ों में रक्षा सूत्र बांधे और वनों के संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही इसके लिए अपनी वचनबद्धता दुहराई।

पूजा-अर्चना के बाद डहरभंगा, टाटीझरिया की स्थानीय महिलाओं ने लोकगीत गाये। अतिथियों ने पूजास्थल पर ही लोगों को संबोधित किया। इसमें संस्थापक महादेव महतो ने कहा कि आज के समय में दूधमटिया के तर्ज पर ही देश के कोने-कोने में लाल डोर बांधकर वृक्षों को बचाने का संकल्प लिया जा रहा है। डीएफओ सौरभ चंद्रा ने कहा कि दूधमटिया में कभी गिनती के पेड़ थे जो आज इसके पच्चीस एकड़ के जमीन पर दो लाख से भी अधिक सखुआ वृक्ष पर्यावरण संरक्षण का मिसाल कायम कर रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण का यह एक अनूठा उदाहरण है। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने किया। पर्यावरण संरक्षण व संवर्द्धन से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं में क्रिएटिव हाई स्कूल, विवेकानंद विद्या मंदिर धरमपुर, नेशनल पब्लिक स्कूल, एडिशन पब्लिक स्कूल, संथाली ग्रुप चोंचा के विद्यार्थियों ने पेंटिंग, भाषण, नृत्य, गीत-संगीत कार्यक्रम में भाग लिया।

जिन्हें समिति द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में परमेश्वर प्रसाद यादव, मुकेश कुमार साव, खेमलाल महतो, छक्कन गोप, मथुरा साव, बबलू प्रजापति, मूलचंद ठाकुर, जगदीशचंद्र यादव, दिनेश खंडेलवाल, रामेश्वर यादव, रवि सिंह, कैलाशपति सिंह, शैलेश सिंह, दिगंबर सिंह, जैनुल अंसारी, सुरेश राम, अनिल अग्रवाल, संजीत कुमार, मनोज कुमार सिंह, सुधा कुमारी, रवि राणा, नारायण यादव, चंदन ठाकुर, तिलक यादव आदि शामिल थे।

खबरें और भी हैं...