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कोरोना की मार:हजारीबाग नगर निगम का रेवेन्यू संकट, पिछले साल कोरोना के कारण 3.14 करोड़ रुपए कम मिले

हजारीबाग6 दिन पहले
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  • इस बार भी हालत बिगड़ी; विकास के कार्यों पर पड़ रहा है असर
  • नगर निगम को आर्थिक मोर्चे पर विपरीत परिस्थितियों का करना पड़ रहा सामना, पिछले साल से ही रेवेन्यू में झेलनी पड़ रही है गिरावट

कोरोना काल में अन्य क्षेत्रों की तरह हजारीबाग नगर निगम को भी आर्थिक मोर्चे पर विपरीत परिस्थितियों सामना करना पड़ रहा है। निगम का रेवेन्यू कलेक्शन प्रभावित हो रहा है। कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते निगम को निर्धारित लक्ष्य के अनुरुप राजस्व की प्राप्ति नहीं हो रही है, जिसका असर निगम के कामकाज पर पड़ने की आशंका जतायी जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हजारीबाग नगर निगम के समक्ष यह स्थिति पिछले कोरोना काल से उत्पन्न हो रही है। वर्ष 2020-21 में निगम को विभिन्न स्राेतों से जितने राजस्व की प्राप्ति की उम्मीद थी उससे 03.12 करोड़ रुपये कम आये।

पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम को राजस्व प्राप्ति के प्रमुख स्रोत होल्डिंग टैक्स, वाटर यूजर चार्ज, लाईसेंस शुल्क, होडिंग, स्टॉल किराया, सैरात, विविध, अतिक्रमण, भवन नक्शा, टेंडर शुल्क आदि से 12,85,87,368.00 रुपये प्राप्त होने का था, लेकिन उक्त सभी मदों को मिलाकर 9,73,48,274.00 रुपये प्राप्त हुए। इस प्रकार पिछले वित्तीय वर्ष अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक में तीन करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। जबकि चालू वित्त वर्ष 2021-22 में हजारीबाग नगर निगम का उन्हीं मदों से कुल डिमांड 16,99,70,104 रुपये का है, जिसके विरुद्ध अप्रैल महीने में 57,38,158 रुपये आ गये थे। उसके बाद से लॉकडाउन का दौर शुरु हुआ।

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