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बेलतू नरसंहार का आरोपी बालेश्वर साव का अंत:रिम्स में तोड़ा दम, 20 साल पहले 13 लोगों का सिर काट फुटबॉल खेलने के आरोप में काट रहा था सजा

हजारीबाग2 दिन पहले
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शव को देखने गांव के लोग। - Dainik Bhaskar
शव को देखने गांव के लोग।
  • जेपी कारा हजारीबाग में अपने भाई हार्डकोर नक्सली कैलाश साव के साथ बंद था, तबीयत बिगड़ने पर दो दिन पहले रिम्स में हुआ था भर्ती

20 साल पहले झारखंड की चर्चित घटना बेलतू नरसंहार के एक आरोपी बालेश्वर साव ने रिम्स में इलाज के दौरान मंगलवार की रात दम तोड़ दिया। बालेश्वर इस नरसंहार का मुख्य आरोपी तत्कालीन एरिया कमांडर ब्रूटल मर्डर एक्सपर्ट के रूप में चर्चित कैलाश साव का भाई था। बेलतू में 13 लोगों का गला काटकर नक्सलियों ने रक्तटीका लगाया था।

मृतकों के सिर से फुटबॉल खेला था। फुटबॉल खेलने वालों में बालेश्वर भी था। मामले में 46 नामजद समेत 100 अज्ञात पर केस हुआ था, जिसमें से 23 को उम्रकैद की सजा मिली थी। बालेश्वर साव जेपी कारा में सजा काट रहा था। वह केरेडारी थाना क्षेत्र के बेलतू का ही रहने वाला था। इसी जेल में बालेश्वर का बड़ा भाई हार्डकोर नक्सली कैलाश साव और छोटा भाई सजा काट रहे हैं।

काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने बताया कि बालेश्वर कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। उल्टियां भी हुई थी। उसे जेल अस्पताल में इलाज किया गया जहां उसकी तबीयत में सुधार नहीं होता देख सदर अस्पताल रेफर किया गया था। वहां से उसकी गंभीरता को देख कर 2 दिन पहले रिम्स रेफर किया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। विभागीय प्रक्रिया के मुताबिक उसके शव का पोस्टमार्टम रिम्स में किए जाने के बाद परिजन को सौंप दिया जाएगा।

ग्राम रक्षा दल से मुंहतोड़ जवाब मिलने पर माओवादियों ने दिया था घटना को अंजाम

जब हजारीबाग जिले में भाकपा माओवादी चरम पर थे तो इनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए तत्कालीन एसपी अजय भटनागर ने ग्राम रक्षा दल का गठन कराया था। उस वक्त नक्सली संगठन का एरिया कमांडर कैलाश साव जो बेलतू का रहने वाला है और मृतक का भाई है वह निर्दयी उग्रवादी के रूप में चर्चित था। किसी की भी हत्या वह निष्ठुरतापूर्वक करवाता था। इसके साथ केरेडारी थाना क्षेत्र के गर्री का रहने वाला सोहन भुइयां भी घटना को अंजाम देता था। जब इनके नाम से इलाका में खौफ था तब इन से दो-दो हाथ करने के लिए ग्राम रक्षा दल सामने आ गया।

ग्राम रक्षा दल का नेतृत्व ब्रह्मदेव साव और कामदेव ठाकुर कर रहे थे। वे भी बेलतु के ही रहने वाले थे। ग्राम रक्षा दल से लगातार माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब मिलते देख एरिया कमांडर कैलाश साव के नेतृत्व में 13-14 अप्रैल 2001 की रात नक्सलियों ने बेलतू गांव को घेर लिया था। वे ब्रह्मदेव और कामदेव की हत्या करने आए थे। रात में नक्सलियों ने ब्रह्मदेव साव सहित 13 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। इसके लिए नक्सलियों ने विभिन्न गांव के हजारों ग्रामीणों का सहयोग लिया था। इस दौरान नक्सलियों ने एक घर में आग भी लगा दी थी। जहां एक मासूम बच्ची भी जलकर मर गई थी। जिनके नरसंहार हुए उनके सिर से फुटबॉल भी खेला था। नरसंहार तो बेलतु में हुआ था लेकिन इस घटना से पूरे हजारीबाग रक्तरंजित हो गया था। घटना के संबंध में केरेडारी थाना में कांड संख्या 21/2001 मामला दर्ज किया गया था।

इसमें 46 नामजद समेत सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस घटना के बाद बड़े-बड़े नेता और मंत्रियों का दौरा शुरू हुआ था और कई तरह के आश्वासन बेलतू गांव को मिले थे। यह भी कहा गया था कि बेलतू गांव को इस कदर अपग्रेड किया जाएगा कि विदेश से लोग बेलतू में पढ़ने आएंगे, ऐसे विद्यालय की यहां स्थापना होगी।

बेलतू में थाना होगा इसके अलावा और कई आश्वासन दिए गए थे लेकिन सभी आश्वासन खोखले साबित हुए। लेकिन पुलिस ने अपना काम किया था। इसके तहत मुख्य आरोपी कैलाश साव उसके भाई बालेश्वर साव समेत दर्जनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जिन्हें सजा भी हो गई। इसी सजा को भुगत रहे एक आरोपी बालेश्वर साव ने दम तोड़ दिया।

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