मां के दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं श्रद्धालु:बड़कागांव के अंबाजीत गांव से 125 वर्ष पूर्व शारदीय दुर्गा पूजा की हुई थी शुरुआत, कोरोना गाइडलाइन का किया जा रहा है पालन

बड़कागांव2 महीने पहलेलेखक: दीपक सिन्हा
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अष्टमी पूजा में शामिल महिला। - Dainik Bhaskar
अष्टमी पूजा में शामिल महिला।

बड़कागांव प्रखंड में अश्विनी दुर्गा पूजा कोविड-19 का पालन करते हुए श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। प्रखंड के तमाम अश्विनी दुर्गा मंदिर में अष्टमी की पूजा की गई जिसमें महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। ज्ञात हो कि बड़कागांव प्रखंड में अश्विनी दुर्गा पूजा का प्रारंभ होने का 125 वर्ष पुराना इतिहास अंबाजीत गांव में रचा गया था। अंबाजीत गांव में 1896 ई. में दुर्गा पूजा प्रारंभ हुई थी।

अब प्रखंड में अंबाजीत, बादम, गोंदलपुरा, महुगाई, हरली, नापो खुर्द, सांढ़, बड़कागांव, उरूब गांव में प्रतिमा की पूजा हो रही है। प्रखंड में सर्वप्रथम अंबाजीत गांव में वर्ष 1896 ई. में नंदकिशोर सिंह, सुरेंद्रनाथ मिश्रा, श्रीनाथ सिंह, कामेश्वर सिंह, अकुल नारायण दास व सेवक सिंह के द्वारा पूजा प्रारंभ की गई थी। इसके बाद नापोखुर्द गांव में वर्ष 1949 ई. में गालो साव, श्यामलाल साव, पेटू साव, छत्रु साव एवं सीबा साव के नेतृत्व में दुर्गा पूजा का शुभारंभ किया गया था।

इसके बाद बड़कागांव डेली मार्केट में 1951ई. में नेतलाल महतो, नरसिंह प्रसाद, डोमन रविदास, कनी साव, धूपन महतो, रामलाल मिस्त्री, के नेतृत्व में पूजा प्रारंभ कराया गया। वर्ष 1958 ई. में गोंदलपुरा गांव में गोपाल चंद्र चक्रवर्ती, बुलाकी गोप, महादेव महतो, गोवर्धन महतो, लट्टू महतो के द्वारा पूजा की शुरुआत की गई थी। वहीं बादम गांव में 1968 ई. में विदेशी महतो, बाबूलाल महतो, जगदेव महतो, झमन महतो, बिंदेश्वरी महतो की अगुवाई में दुर्गा पूजा प्रारंभ किया गया था।

वर्ष 1969 ई. में हरली गांव में रामचरण महतो, लालो महतो, फुकन राणा, तिलक महतो के नेतृत्व में पूजा की शुरुआत की गई थी। वहीं 1965 ई. में उरुब गांव में लोकनाथ सिंह, दशरथ सिंह, चरणदेव सिंह, निर्मल कुमार सिंह, तपेश्वर सिंह, के प्रयास से दुर्गापूजा प्रारंभ किया गया था। वर्ष 1980 ई. में सांढ गांव में फनींद्र महतो, मनोहर प्रसाद, मुरलीधर दांगी, खेमन महतो आदि लोगों के नेतृत्व में पूजा की शुरुआत की गई।

वहीं 2005 ई. में महुगाई गांव में पूजा की शुरुआत की गई। वर्ष 2013 ई. से बरवाडीह दुर्गापूजा समिति के द्वारा पूजा की जा रही है। पूजा को लेकर सभी पूजा समितियों के द्वारा तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है।

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