मीडिया:महापौर व वार्ड पार्षदों की शक्तियां छिनना असंवैधानिक, सड़क से सदन तक होगा आंदोलन : रोशनी तिर्की

हजारीबाग2 महीने पहले
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मुख्यमंत्री डिक्टेटर के रूप में नजर आ रहे हैं। संविधान की धज्जियां उड़ रही है। देश को चलाने के लिए सर्वोपरि स्तंभ विधायिका, दूसरा कार्यपालिका, तीसरा न्यायपालिका व तीसरा स्थान मीडिया का है। सभी का काम अपना-अपना है। लेकिन हेमंत सरकार मे कार्यपालिका भारी पड़ रहा है। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उक्त बातें सांसद जयंत सिन्हा ने बुधवार को अटल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा। उन्होंने कहा इस संबंध में राज्यपाल से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।

हेमंत सरकार के कार्यकाल में लोकतंत्र खतरे में है, लोकतंत्र को बचाने के लिए जो भी कुर्बानी देनी होगी देंगे।इसके लिए हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। एक सवाल के जवाब में जयंत सिन्हा ने कहा कि हजारीबाग में ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड के कोल साइडिंग में मेरी यदि संलिप्तता पाई जाती है तो मैं राजनीति से सदा के लिए संन्यास ले लूंगा।

इधर नगर निगम के महापौर रोशनी तिर्की ने कहा कि हेमंत सरकार मनमानी पर उतर आई है। महापौर व वार्ड पार्षद के अधिकारों को सरकार छीन रही है। झारखंड के विभिन्न नगर निगाहों में अधिकतर भाजपा के ही महिला बहने हैं, यही बात सरकार को खल रही है। पूर्व महापौर अंजली कुमारी ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनप्रतिनिधि होते हैं, उनका सम्मान होना चाहिए, मुख्यमंत्री से मांग किया कि नगर निगम में जनप्रतिनिधियों का अधिकार नहीं छीना जाए, लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क से सदन तक विरोध करेंगे।

भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि किसी भी कीमत पर हेमंत सरकार नगर निगम के चुने गए जनप्रतिनिधियों से अधिकार नहीं छीन सकती, इसके लिए पूरे झारखंड में आंदोलन होगा। मामला सदन में भी उठाया जाएगा। हेमंत सरकार की मनमानी नहीं चलने देंगे। पूर्व उपमहापौर आनंद देव ने कह कि हेमंत सरकार सारी शक्तियां पदाधिकारियों को सौंप रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। भाजपा नेता शंकर गुप्ता ने भी इस मामले में कड़ा विरोध जताया। कार्यक्रम में भैया अभिमन्यु, मीडिया प्रभारी रोशन कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।

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