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पहचान:घर-घर होगी यक्ष्मा रोगियों की पहचान, दी जाएगी मुफ्त दवा

हजारीबाग9 दिन पहले
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उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद के निर्देश पर राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में सक्रिय यक्ष्मा रोगियों की पहचान करने के उद्देश्य से प्रस्तावित अभियान की सफलता के लिए सदर अस्पताल स्थित सभागार में मंगलवार को उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई।

मौके पर सिविल सर्जन डॉ एम पी सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का स्वास्थ्य विभाग यक्ष्मा उन्मूलन व संक्रमित व्यक्ति के समुचित इलाज के लिए कृतसंकल्पित है। इस अभियान में संदिग्ध या संक्रमित व्यक्ति की पहचान कर उपचार शुरू करना, संक्रमण को न्यूनतम स्तर पर ले जाना, समुदाय को जागरूक करना प्राथमिक उद्देश्य है। 02 सितंबर से 01 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर सक्रिय यक्ष्मा रोगियों की पहचान करेंगे। इस अवसर पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 60 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सहिया, वॉलेंटियर ज़िला की लगभग 21 लाख जनसंख्या के न्यूनतम आधी आबादी को घर घर जाकर यक्ष्मा के सामान्य लक्षणों जैसे दो या दो सप्ताह से अधिक समय से खाँसी, लम्बे समय से बुखार, रात में पसीना आना, वज़न कम होना आदि को पहचान करने का कार्य किया जाएगा।

संदिग्ध मरीजों या लक्षणों के आधार पर सैंपल संग्रहण व जाँच सहित समुचित ईलाज, मुफ्त दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के यक्ष्मा इकाई के द्वारा किया जाएगा। साथ ही रोगियों के उपचार के दौरान निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपए प्रतिमाह सहायता लाभुक को दिए जाने का प्रावधान है।

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