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हजारीबाग सक्षम हॉस्पिटल का मामला:दो अल्ट्रासाउंड में दिखे जुड़वा बच्चे, जन्मा एक, दंपती बोले या तो रिपोर्ट गलत दी गई या अस्पताल से बच्चा चोरी हो गया

हजारीबाग2 दिन पहले
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प्रसव के बाद जच्चा बच्चा। - Dainik Bhaskar
प्रसव के बाद जच्चा बच्चा।
  • केवल एक बच्चे के जन्म लेने की सूचना मिलते ही इटखोरी की चिंता देवी के होश उड़े, हुई मायूस
  • सूचना मिलने पर इटखोरी और चतरा के अल्ट्रासाउंड संचालक महिला के परिजनों काे कर रहे हैं फाेन, अस्पताल भी पहुंच गए

हजारीबाग सक्षम हॉस्पिटल में सोमवार की रात इटखोरी की चिंता देवी ने एक बच्ची को जन्म दिया। पर, सिर्फ एक बच्ची के जन्म लेने की बात सुन कर महिला और उसके परिजनों की सारी खुशियां गायब हो गई। क्योंकि, चिंता देवी की दो अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बता रही है कि उसके गर्भ में जुड़वा बच्चे पल रहे हैं। अब वे पशोपेश में हैं कि या तो दोनों अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट गलत है या हॉस्पिटल से उनका बच्चा गायब हो गया।

चतरा के इटखोरी थाना अंतर्गत दारीदाग निवासी टहल यादव की पत्नी चिंता देवी को सोमवार रात हजारीबाग सक्षम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉ. शिखा खंडेलवाल ने महिला का सिजेरियन ऑपरेशन किया और परिजनों को सूचना दी कि एक बच्ची का जन्म हुआ है। तब परिजनों को एक बच्चे गायब होने का संदेह हुआ। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर भी संदेह है। क्योंकि एक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट सत्यम अल्ट्रासाउंड, इटखोरी की है और दूसरी साईं अल्ट्रासाउंड चतरा की है।

अल्ट्रासाउंड की पहली कॉपी।
अल्ट्रासाउंड की पहली कॉपी।

अब दोनों संचालक परिजनों को मैनेज करने का बना रहे दबाव
दोनों अल्ट्रासाउंड संचालक परिजनों को लगातार फोन कर रहे थे और इस मामले को मैनेज करने के लिए रिक्वेस्ट कर रहे थे। जब बात नहीं बनी तो वे लोग खुद हॉस्पिटल तक भी पहुंच गए थे। मीडिया को देखते भाग निकले। समाचार लिखे जाने तक परिजन सक्षम हॉस्पिटल में मौजूद हैं और एक बच्ची कहां गई इसको लेकर पशोपेश में पड़े हैं। बताया गया कि चिंता देवी का दूसरा प्रसव काल है। इसके पूर्व पहले डिलीवरी में उसने तीन बच्चों को जन्म दिया था और तीनों की मृत्यु हो गई थी।

अल्ट्रासाउंड की दूसरी कॉपी।
अल्ट्रासाउंड की दूसरी कॉपी।

महिला काे हाेश में रख कर किया सिजेरियन : हॉस्पिटल संचालक
सक्षम हॉस्पिटल के संचालक सन्नी कुमार का कहना है कि महिला को होश में रखते हुए सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। किसी तरह का रिस्क नहीं लेते हुए उसकी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर सिजेरियन किया गया। नॉर्मल डिलीवरी भी हो सकती थी, लेकिन ट्विन बेबी की रिपोर्ट के आधार पर सिजेरियन किया। जहां एक बच्ची के जन्म लेने के बाद परिजनों को ऑपरेशन थिएटर में बुलाकर दिखाया भी गया। सन्नी कुमार ने कहा कि अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट ही गलत है। अस्पताल में कोई गड़बड़ी नहीं की गई है। चाहे तो इसकी जांच करा सकते हैं।