धरना प्रदर्शन:बैंकों के निजीकरण से संबंधित बिल का यूनाइटेड फोरम ने किया विरोध, धरना स्थल पर किया प्रदर्शन

हजारीबाग2 महीने पहले
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धरना स्थल पर एकत्र हो विरोध प्रदर्शन करते बैंक स्टाफ। - Dainik Bhaskar
धरना स्थल पर एकत्र हो विरोध प्रदर्शन करते बैंक स्टाफ।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर हजारीबाग जिला मुख्यालय में मंगलवार की शाम विभिन्न बैंकों के स्टाफ धरना स्थल पर एकत्र हुए तथा बैंकों के निजीकरण से संबंधित बिल का विरोध किया। इस मौके पर बताया गया कि केंद्र सरकार ने बैंकों को निजीकरण करने के मंसूबे से बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट में सुधार करने की लिए एक बिल संसद में रखने के लिए लिस्टिंग की है जो कि किसी भी दिन इसी सेशन में संसद में पेश किया जा सकता है।

इस बिल का विरोध करने के लिए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने विभिन्न एजिटेशनल प्रोग्राम का आयोजन किया है। इसी संदर्भ में पूरे देश में सभी जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की ओर से कहा गया है कि केंद्र सरकार बैंकों के निजीकरण लिए लगातार प्रयास करती रही है, जिसका फोरम विरोध करता रहा। बैंकों का निजीकरण किसी के हित में नहीं है न बैंकों के न देश और न बैंक उपभोक्ताओं के। युनाइटेड फोरम बैंकों के निजीकरण के हर प्रयास का विरोध करता रहेगा। इसके लिए सदस्यों का तैयार रहने के लिए कहा गया। बताया गया इस क्रम में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने 16 एवं 17 दिसम्बर 2021 को संपूर्ण हड़ताल का निर्णय लिया है।

विरोध प्रदर्शन में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बडौदा, आन्ध्र बैंक, सेन्ट्रल बैंक, यूनियन बैंक, केनरा बैंक, देना बैंक के महिला एवं पुरुष स्टाफ शामिल थे। वहीं सीपीएम ने बैंकों के निजीकरण के खिलाफ हड़ताल का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

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