आत्मसम्मान की बात:नारी जब बेड़ियां और कड़ियां तोड़ने लगेगी तो कोई शक्ति नहीं रोक पाएगी : जया सिंह

हजारीबाग9 महीने पहले
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जया सिंह। - Dainik Bhaskar
जया सिंह।
  • आरोग्यम हॉस्पिटल की एडमिनिस्ट्रेटर ने कहा हर एक दिन भिन्न-भिन्न भूमिकाओं में जीते हैं हम

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एचजेडबी आरोग्यम हॉस्पिटल की एडमिनिस्ट्रेटर दो बच्चों की मां जया सिंह ने कहा कि महिलाओं को अपने अंदर की शक्ति को पहचानना चाहिए। सशक्तीकरण अंतरमन से आता है और आपको यह स्वीकार करना चाहिए कि आप स्वस्थ आत्मसम्मान बनाए रखने के लिए जीवन में सशक्त हैं।

महिलाओं के रूप में लिया जाने वाला पहला महत्वपूर्ण कदम आत्मविश्वास बढ़ाकर आत्मसम्मान हासिल करना, अपना महत्व समझना एवं अपनी देखभाल कर अपना सम्मान करना है। एक स्वस्थ आत्मसम्मान के विकास में अपनी अंदरूनी आवाज को शक्तिशाली बनाना तथा ज्यादा प्रभावशाली विचारों के साथ अपने सोचने के नजरिए को परिवर्तित करना शामिल है। हमें खुद में विश्वास का निर्माण करना एवं ज्यादा प्रभावशाली बनने के लिए कौशल सीखना आवश्यक है।

निसंदेह सहजता से हर एक दिन भिन्न-भिन्न भूमिकाएं जीते हुए, महिलाएं समाज का एक मजबूत स्तम्भ की भूमिका निभाती हैं। हमारे आस पास महिलायें, सहृदय बेटियां, संवेदनशील माताएं, सक्षम सहयोगी और अन्य कई भूमिकाओं को बड़ी कुशलता व सौम्यता से निभा रहीं है। हम सभी को महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए। इक्कीसवीं सदी नारी जीवन में सुखद सम्भावनाओं की सदी है। महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे आने लगी हैं। आज की नारी अब जाग्रत और सक्रिय हो चुकी हैं।

किसी ने बहुत अच्छी बात कही है “नारी जब अपने ऊपर थोपी हुई बेड़ियों एवं कड़ियों को तोड़ने लगेगी, तो विश्व की कोई शक्ति उसे नहीं रोक पाएगी।” वर्तमान में नारी ने रुढ़िवादी बेड़ियों को तोड़ना शुरू कर दिया है। यह एक सुखद संकेत है। लोगों की सोच बदल रही है, फिर भी इस दिशा में और भी प्रयास करने की आवश्यकता है।

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