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परीक्षा:15 मिनट के भीतर परीक्षार्थी को मिल जाते हैं सारे उत्तर

हजारीबाग18 दिन पहले
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  • परीक्षा के समय विद्यार्थियों का वीडियो ऑन नहीं रहता है और ना ही उसकी मॉनिटरिंग शिक्षक करते हैं

विनोबा भावे विश्वविद्यालय और यूजी कॉलेज में ली जा रही ऑनलाइन परीक्षाओं को विद्यार्थियों ने मजाक बना दिया है। प्रश्न पत्र बहु विकल्पीय उत्तर (एमसीक्यू) वाले हैं। परीक्षा के लिए मिलने वाला लिंक को परीक्षार्थी अपने ट्यूशन टीचर और ग्रुप के अन्य मित्रों को परीक्षा शुरू होने के तुरंत बाद दे देते हैं। 10 से 15 मिनट में शिक्षक मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन का उत्तर अपने विद्यार्थियों के ग्रुप में डाल देते हैं और विद्यार्थी उसी को देख कर उत्तर लिख देता है।

परीक्षा के समय विद्यार्थियों का वीडियो ऑन नहीं रहता है और ना ही उसकी मॉनिटरिंग शिक्षक करते हैं। शिक्षक से सहयोग नहीं मिला तो विद्यार्थी नेट से उत्तर खोज कर डाल देते हैं। इस तरह विद्यार्थियों ने इंटरनल परीक्षा को मजाक बनाकर रख दिया है। अधिकतर कॉलेज जूम एप परीक्षाएं ले रहे हैं। दरअसल यह क्लास लेने का का निशुल्क एप है। वैसे जिस पर विद्यार्थी चीटिंग आसानी से नहीं कर सकता उसके लिए कॉलेज और विश्वविद्यालय को पैसे खर्च करने होंगे।

नॉन सिक्योर एप से हो रही परीक्षा

विनोबा भावे विश्वविद्यालय से संबद्ध यूजी कॉलेज ऑनलाइन क्लास और ऑनलाइन परीक्षा की तकनीक को पूरी तरह अपना नहीं पाए हैं। ऑनलाइन परीक्षाएं नॉन सिक्योर एप पर हो रही है। विश्वविद्यालय और कॉलेज से दिए जाने वाले लिंक को विद्यार्थी से मिलकर कोई भी खोल लेता है। ऑनलाइन असेसमेंट सॉफ्टवेयर की सेवा देनेवाली कंपनी मेटल एप में परीक्षार्थी पर इनविजीलेटर अपने ऑफिस से नजर रखते हैं। कोई परीक्षार्थी चीटिंग करता है तो परीक्षा से बाहर कर दिया जाता है। एमएस टीम जैसे सॉफ्टवेयर भी हैं। जिसमें सारे स्टूडेंट का डिटेल डाल दिया जाता है। इसमें बाहरी विद्यार्थी शामिल नहीं हो सकता। इसमें क्लोज ग्रुप बनता हैं। इसमें अगर 60 विद्यार्थी का डिटेल डाला हुआ है तो इससे अधिक विद्यार्थी जुड़ हो नहीं सकता है। क्लोज एप की सेवा लेने के लिए संस्थान को शुल्क देना होगा।

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