आगमन:पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा, कलश स्थापना की

हजारीबाग9 दिन पहले
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या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता ...! यानी जो देवी सब प्राणियों में शक्ति के रूप में स्थित है। उनको नमस्कार, नमस्कार बारंबार नमस्कार। गुरुवार से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गया। मां शैलपुत्री का आह्वान किया गया। सुबह से ही श्रद्धालु पूजा पाठ को लेकर उत्साहित दिखे। स्नान ध्यान कर लोग कलश स्थापन पूजा में जुट गए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी दुर्गा पूजा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

पूजा समितियां इस वर्ष पिछले वर्ष की भांति कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ही पूजा-पाठ करेगी। पूरे जिले में पूजा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। 9 दिनों तक श्रद्धालु मां की पूजा अर्चना एवं साधना में डूबे रहेंगे। कहा जाता है कि संधि काल में पूजा अर्चना का अद्भुत फल मिलता है।

हालांकि इस वर्ष मां दुर्गे का नवरात्रा पाठ आठ दिनों का होगा। वही कई श्रद्धालुगण अपने अपने आवास पर मां दुर्गे की पूजा अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा अर्चना के साथ नवमी की देर रात्रि हवन के साथ नवरात्र पाठ समाप्त होगा। अगले दिन मां को विसर्जित कर दिया जाएगा इसी के साथ दुर्गा पूजा का महापर्व संपन्न होगा।

इस संबंध में भक्त सुरेंद्र खण्डेलवाल ने कहा कि मां दुर्गे के आगमन पर हमारा घर प्रसन्न हो जाता है, घर के हर सदस्यों के चेहरे पर खुशियों की एक लहर दौड़ती नजर आती है। चाहे वह मेरी पोती हो चाहे वह मेरा पोता हो, सभी पूजा को लेकर काफी उत्साहित हैं। पुजारी दीपेंद्र नाथ पांडे ने बताया कि 8 दिनों का होगा इस वर्ष नवरात्रा पाठ। उन्होंने श्रद्धालुओं से मां दुर्गे की आराधना तन मन से करने की अपील की।

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