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मुफ्त अनाज देकर सहयोग:ईचाक : पीडीएस का चावल लदा वाहन पकड़ा, रात में ही छोड़ दिया

ईचाक4 दिन पहले
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सरकार एक ओर जहां कोविड 19 में गरीबो को मुफ्त अनाज देकर सहयोग कर रही है। वही गरीबो के राशन को धड़ल्ले से कालाबाजारी में बेचा जा रहा है। ऐसा ही एक मामला मंगलवार रात को सामने आया। मिली जानकारी के अनुसार वाहन संख्या जेएच 02 ए डब्ल्यू 0419 पर 20 पैकेट चावल जविप्र का चावल पुलिस ने बोधिबागी में पकड़ा था। जांच पड़ताल होने पर गाड़ी चालक के पास चालान नहीं मिला। करीब एक घंटे तक पुलिस मामले की जांच करती रही। जिसके बाद 9 बजे रात्रि चालक ने आनन-फानन में चालान उपलब्ध करवाया।

इस बीच क्या हुई वह जांच का विषय है। थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। रात्रि को गस्ती पार्टी द्वारा शक के आधार पर चावल लोड वाहन को रोककर जांच की गई। जांच में पता चला कि राशन आसिया गांव के जविप्र डीलर जय प्रकाश मेहता का है। गोदान से आसिया गांव कि दूरी महज सात किलोमीटर है। वाहन को साढ़े आठ बजे रात बोधिबागी में पुलिस ने रोका। जहां मुख्यालय से महज साढ़े चार किलोमीटर हो सकता है। साढ़े चार किलोमीटर का सफर तय करने में कोई भी वाहन को 10 से 15 मिनट लग सकती है। परंतु इतनी रात को पीडीएस का राशन ले जाना सन्देह को दर्शाता है।

इस संबंध में एमओ केएन झा ने बताया कि एक डीलर को जितना अनाज भेजना रहता है। चालान भी उतना का ही बनेगा। हालांकि यह जांच का विषय है। पीडीएस दुकान का जांच के बाद ही बताया जा सकता है।

सवाल यह है कि चालान संख्या 1546456 में गोदाम से चावल उठाव 2904 किलो ग्राम है। जबकि पीडीएस दुकानदार के पास महज 10 क्विंटल चावल पहुंचा। 1904 किलो ग्राम चावल कहाँ गया। यह जांच का विषय है। इधर एजीएम के अनुसार 17 जुलाई को ही चावल 2904 किलोग्राम जाना था ।शेष चावल 20 जुलाई को भेजी गई। परंतु एक ही दुकान काे दो दिनों में अलग अलग चालान दिया गया है। मामले में पीडीएस डीलर जयप्रकाश मेहता से सम्पर्क करने की कोशिश की गई परन्तु फोन डीलर का बेटा रिसीव कर बताया कि मैं 10 क्विंटल चावल ही रिसीव किया हूँ।

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