कलश स्थापन:सोनिया दुर्गा मंडप में बासंतिक दुर्गा पूजा को लेकर कलश स्थापन आज

इटखोरी7 महीने पहले
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  • मंदिर के मुख्य पुरोहित सुबोध पांडे ने बताया कि वर्ष 1980 में यहां मां काली की पूजन की जाती थी

सोनिया, एरकी व बलिया गांव में मंगलवार की सुबह 9 से 11 के बीच वासंतिक दुर्गा पूजा के मौके पर अश्वनी नक्षत्र में कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार कलश स्थापन किया जाएगा। कलश स्थापन के बाद यहां 9 दिनों तक मुख्य पुरोहित सुबोध पांडे व सह पुरोहित अनुज कुमार पांडे एवं उनके सहयोगी पुरोहितों द्वारा सुबह-शाम दुर्गा सप्तशती की पाठ की जाएगी। इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण यहां कोई भी भीड़-भाड़ से संबंधित भव्य आयोजन नहीं होगा।

यहां चैती दुर्गा पूजा का इतिहास काफी पुराना है। मंदिर के मुख्य पुरोहित सुबोध पांडे ने बताया कि वर्ष 1980 में यहां मां काली की पूजन की जाती थी। इसके बाद यहां चैती दुर्गा पूजा शुरू किया गया। जिसमें मिट्टी से निर्मित प्रतिमा की पूजन की जाती थी। फिर 2017 वर्ष में ग्राम वासियों के सहयोग से मां अष्टभुजी दुर्गा, भगवान गणेश, कार्तिकेय, मां सरस्वती और लक्ष्मी के अलावे मंदिर के पश्चिम दिशा में वीर बजरंगबली की प्रतिमा संगमरमर की स्थापित की गई। इसके बाद से यहां नित्य-प्रतिदिन सुबह-शाम मां दुर्गा समेत अन्य देवी देवताओं की पूजन और आरती की जा रही है। जो इटखोरी के लिए यह दुर्गा मंदिर इकलौता है।

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