बच्चे मायूस:सुदूरवर्ती गांवों से खाता खुलवाने पहुंचे बच्चे, बैंक ने किया इंकार

जलडेगा11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

विभिन्न स्कूलों के बच्चे मीलों की दूरी तय कर शुक्रवार को बैंक खाता खुलवाने प्रखंड मुख्यालय पहुंचे लेकिन खाता नहीं खोला गया। बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक ने हाथ खड़े कर दिए। कहा कि बैंक में स्टाफ की कमी है। जबकि प्राप्त जानकारी के अनुसार बैंक में स्टाफकर्मी प्रतिनियुक्ति की जगह पूर्ण है। बच्चों को मायूस होकर लौटना पड़ा।

अभिभावकों ने कहा कि शाखा प्रबंधक द्वारा 7 जनवरी को खाता खोलने की तिथि तय तय की गई थी। वे कोविड महामारी के दौर में बच्चों को लेकर भीड़भाड़ वाली जगहों में भटकते रहे। कभी बैंक, कभी बीसी केन्द्र तो कभी बीआरसी कार्यालय के चक्कर काटते रहे। बैंक में खाता खुलवाने तक का फॉर्म नहीं दिया गया। कुछ बच्चों ने दूसरों से फॉर्म मांग कर इसकी फोटो कॉपी कराई तो कुछ को 15 से 25 रु खर्च कर दुकानों से इनकी खरीदारी करनी पड़ी। कहा कि जलडेगा बैंक मैं घोर अव्यवस्था है, ग्राहकों को पैसे पैसे के लिए तरसना पड़ता है।

इधर बीईईओ जयमंगल लोहार ने कहा कि बैंक द्वारा 7 जनवरी को खाता खोलने का शिड्यूल दिया गया था, लेकिन कैम्प क्यों नहीं लगाया गया, इसकी जानकारी नहीं है। कहा कि इस कार्य के लिए बीपीओ आशा बिलुंग को प्रतिनियुक्त किया गया था। वहीं बीपीओ बिलुंग ने कहा कि बैंककर्मियों ने साफ शब्दों में नहीं सकेंगे कहकर सभी को वापस कर दिया।

खबरें और भी हैं...