शारदीय नवरात्र:जलडेगा में निकाली कलशयात्रा, मां भगवती के जयकारे और घंट से गूंजायमान रहा पूरा क्षेत्र

जलडेगा19 दिन पहले
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शारदीय नवरात्र में गांव की सुख समृद्धि कामना को लेकर सार्वजनिक रूप से पूजन अनुष्ठान एवं कलश स्थापना किया गया। इससे पूर्व दुर्गा पूजा आयोजन समिति के नेतृत्व में स्थानीय महिलाओं द्वारा कलश शोभायात्रा निकाली गई। पंडित अरूण मिश्रा, चंदन मिश्रा, यजमान नदंकिशोर सिंह की अगुवाई में तेलंगा नाला में कलश की विधिवत पूजन कर नगर भ्रमण करते हुए मंदिर स्थापित किया गया।

मां भगवती की जयकारे और घंटे शंख की ध्वनि से गुंजायमान था। लंबे अंतराल के बाद श्रद्धा अतुल्य समागम देखा गया महिला बुजुर्ग माताएं बच्चियों बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया भजन और जयकारे से भक्तों में काफी उत्साह था। मौके पर आयोजन समिति के सुभाष साहू, रामअवतार अग्रवाल, बसंत साहू, महाप्रसाद सिंह, मदन सरकार, संतोष सिंह सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। कोलेबिरा के धर्मशाला में 1941 से हो रही दुर्गा पूजा : कोलेबिरा | कोलेबिरा धर्मशाला में आजादी के पूर्व से दुर्गा पूजा की जा रही है। बताया गया कि सन 1941 से कोलेबिरा धर्मशाला में दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। धर्मशाला में पूजा का प्रारंभ कोलेबिरा थाना में पदस्थापित जमादार सतीश चंद्र मुखर्जी, ओहदार रणबहादुर सिंह, हरिशंकर साहू, कालीचरण साहू, शिव शंकर साहू आदि ने प्रारंभ किया था। 1941 से पहले कोलेबिरा अस्पताल में डॉक्टर द्वारा पूजा आयोजित की गई थी। लोग थाना परिसर में झोपड़ी बनाकर दुर्गा पूजा किया करते थे।

इसके बाद दुर्गा पूजा का आयोजन मौसी बाड़ी परिसर में खपरैल घर में किया जाना प्रारंभ हुआ। कुछ वर्षों तक मौसी बारी परिसर में दुर्गा पूजा हुआ। इसके बाद 33 मौजा के जमींदार ओहदार रण बहादुर सिंह के द्वारा कोलेबिरा थाना मोड़ के समीप दुर्गा पूजा करने के लिए 6 डिसमिल जमीन दी गई। तब से आज तक उसी स्थान में लोग प्रतिवर्ष हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ दुर्गा पूजा करते आ रहे हैं। उस स्थान में खपरैल झोपड़ी बनाकर दुर्गा पूजा किया करते थे। 1998 में निवर्तमान सांसद कड़िया मुंडा द्वारा सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया। तबसे उसी भवन में प्रतिवर्ष दुर्गा पूजा हो रही है।

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